Saturday, December 16, 2017

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पुलिसवालों ने जांच रिपोर्ट पेश करने में की देरी, तो आला अधिकारियों का कटेगा वेतन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पुलिसवालों ने जांच रिपोर्ट पेश करने में की देरी, तो आला अधिकारियों का कटेगा वेतन

नई दिल्ली । अमूमन कोर्ट में केस दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा उस मामले की जांच रिपोर्ट पेश करने में देरी होती है, जिसके चलते कई बार मामले लंबे लटक जाते हैं। इस सब से निपटने के लिए कोर्ट ने एक रास्ता ढूंढ लिया गया है। दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने जांच रिपोर्ट देरी से पेश करने पर संबंधित अफसरों के वेतन काटने की बात कही है। कोर्ट ने कहा कि अब अगर पुलिस मामले की रिपोर्ट देरी से पेश करेगी तो पुलिस के आला अधिकारियों की तनख्वाह कटेगी। कोर्ट ने पिछले 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देरी से पेश करने पर 9 अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। 

असल में दिल्ली की जिला अदालतें अपने यहां लगे मुकदमों के अंबार को जल्द से जल्द निपटाने के लिए सक्रिय हो गईं हैं। मामले जल्द निपटाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मामलों में पुलिस की ओर से पेश होने वाली रिपोर्ट के देर से पेश होने पर कई मामलों में देरी होती है। ऐसे में कोर्ट ने पुलिस की इस लापरवाही के लिए उनपर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई है। ऐसे ही एक मामले में दिल्ली के द्वारका स्थित एमएसीटी जज जितेंद्र कुमार की कोर्ट ने पिछले दिनों द्वारका दक्षिण थाने के इंचार्ज पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 


इस दौरान कोर्ट ने कहा कि जहां एक ओर कोर्ट लंबित मामलों को निपटाने के लिए अतिरिक्त समय दे रही हैं, वहीं पुलिसकर्मियों का जांच रिपोर्ट पेश करने में देरी के चलते सारे किए कराए पर पानी फिर जाता है। मामले लटक जाते हैं। हालांकि ये सब तब हो रहा है जब दिल्ली हाईकोर्ट आदेश जारी कर चुकी है कि पुलिस निर्धारित समयसीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। शायद यही कारण है कि पुलिस के आला अफसरों पर जुर्माना लगाए जाने के बाद इस मामले में सुधार आने की उम्मीद की जा रही है। कोर्ट का कहना है कि कुछ मामलों में पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से राहत दिए जाने की जरूरत होती है, लेकिन पुलिस की जांच और उसके बाद उनकी रिपोर्ट आने में देरी के चलते पीड़ित परिवार बिना मतलब के कष्ट भोगता है। 

कोर्ट का कहना है कि पुलिस के आला अधिकारियों पर जुर्माना लगाए जाने के तथ्य उनके रिकॉर्ड में आएंगे। ऐसे में आला अधिकारियों पर भी मामलों में जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने का दबाव होगा। अब पुलिसकर्मियों का लापरवाही वाला रवैया नहीं चलेगा। 

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