Thursday, January 18, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

जिस बच्चे को कभी इनाम दिया, उसी की कप्तानी में नेहरा आज  कहेंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जिस बच्चे को कभी इनाम दिया, उसी की कप्तानी में नेहरा आज  कहेंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा

नई दिल्ली । एक समय भारतीय तेज गेंदबाजी का 'तीखा तीर' कहे जाने वाले आशीष नेहरा बुधवार शाम दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में अपने करियर का अंतिम मैच खेलेंगे। अपने 19 साल के करियर में यूं तो उनके पास कई ऐसे यादगार लम्हें हैं, जिनपर वह गर्व करते हैं, लेकिन एक लम्हा ऐसा भी है, जिसे याद करते हुए वह शर्मा जाते हैं। हालांकि यह लम्हा नेहरा के लिए बेहद खास है। असल में नेहरा 1 नवंबर 2017 को उस कप्तान के साथ खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, जिसे 14 साल पहले 2003 में स्टॉर गेंदबाज नेहरा ने बच्चा समझकर पुरस्कृत किया था। ये बच्चा कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के आक्रामक विराट कोहली ही थे। कोहली और नेहरा का यह फोटो इस दौरान जमकर वायरल हो रहा है। 

14 साल पहले का वो दिन

असल में बात 14 साल पहले साल 2003 की है। उस दौरान अंडर-16 के एक मैच में उम्दा प्रदर्शन करने पर टीम इंडिया के तेज और स्टार गेंदबाज आशीष नेहरा ने विराट को सम्मानित किया था। कोहली उस दौरान मात्र 15 साल के एक बच्चे थे जबकि नेहरा टीम इंडिया के युवा स्टार गेंदबाज। लेकिन समय इतनी तेजी से बदला कि कल का यह बच्चा आज अपने हुनर की बदौलत टीम इंडिया का कप्तान बन गया और आशीष नेहरा उसी की कप्तानी में अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जा रहे हैं। 

2003 के  वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन

हालांकि नेहरा ने भी अपने करियर में काफी ऊंचाई हासिल की। नेहरा को 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 23 रन देकर छह विकेट चटकाने के लिए याद किया जाता है। खास बात यह थी कि इस मैच से पहले उनकी तबीयत खराब हो गई थी, बावजूद इसके वह पूरा मैच खेले और इतिहास बना देने वाला प्रदर्शन किया। 

अजहरुद्दीन की कप्‍तानी में डेब्यू


नेहरा ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्‍तानी में की। एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका के खिलाफ उन्‍होंने अपना डेब्‍यू मैच खेला था। बाद में वह दो सालों के लिए टीम से आऊट हो गई, बाद में गांगूली ने उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बनाया और उसके बाद नेहरा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

चोटों से करियर हुआ डामाडोल

हालांकि उनके एक्शन के चलते उन्हें काफी चोटों का सामना करना पड़ा। जवागल श्रीनाथ के संन्यास लेने के बाद नेहरा ने गेंदबजी की बागडोर संभाली भी लेकिन एड़ी, घुटना समेत शरीर के कई हिस्सों का ऑपरेशन होता रहा। बार-बार चोट लगने के बाद नेहरा का पूरा ध्यान वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट पर चला गया।

 

यूं रहे करियर में आंकड़ें

अपने 19 साल के करियर में नेहरा ने 17 टेस्ट, 120 वनडे और 26 टी20 मैच खेले हैं। उन्होंने टेस्ट मैचों में 44, वनडे में 157 और टी-20 में 34 विकेट चटकाए हैं।

Todays Beets: