Saturday, February 23, 2019

Breaking News

   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||   PAK सेना के ISPR के डीजी ने कहा- हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे, भारत धमकी दे रहा है     ||   ICC को खत लिखेगी BCCI- आतंक समर्थक देश के साथ खत्म हो क्रिकेट संबंध     ||   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||

बिहार के 18 सालों का ‘वनवास’ होगा खत्म, बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने रणजी ट्राॅफी में शामिल करने की सिफारिश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बिहार के 18 सालों का ‘वनवास’ होगा खत्म, बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने रणजी ट्राॅफी में शामिल करने की सिफारिश

नई दिल्ली। बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने बड़ी राहत दी है। सौरभ गांगुली के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तकनीकी समिति ने सर्व सम्मति से बिहार की टीम को रणजी ट्राॅफी 2018-19 सत्र में खेलने की अनुमति दे दी है। अब 18 साल से राष्ट्रीय चैंपियनशिप रणजी में बिहार की वापसी होगी। 

गौरतलब है कि बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने अपनी बैठक में बिहार को रणजी ट्रॉफी 2018-19 सत्र शामिल करने के साथ और भी कई सिफारिशें की हैं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण रणजी ट्रॉफी में प्री क्वार्टर फाईनल की शुरुआत है। तकनीकी समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि रणजी ट्रॉफी में 2018-19 सत्र में 4 ग्रुप होंगे और मैच ‘होम एंड अवे’ आधार पर खेले जाएंगे जबकि नए सत्र से प्री क्वार्टरफाईनल की शुरुआत की जाएगी। 

ये भी पढ़ें - वाहन चालकों को मिली बड़ी राहत, अब आप अपने डीएल से ही चला सकेंगे कमर्शियल व्हीकल  


आपको बता दें कि बीसीसीआई के सचिव (कार्यवाहक) अमिताभ चौधरी ने कहा कि तकनीकी समिति ने बिहार को रणजी ट्राॅफी के सत्र 2018-19 में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि तकनीकी समिति को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के 18 जुलाई 2016 के दिए गए फैसले के मद्देनजर पूर्वोत्तर के एसोसिएट और संबद्ध सदस्यों पर भी विचार किया जाना चाहिए। अब तकनीकी समिति द्वारा की गई सिफारिशों को बीसीसीआई का कार्यभार देख रही प्रशासकों की समिति को भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद बीसीसीआई की आम सभा में इसे पास किया जाएगा। 

 

Todays Beets: