Sunday, June 24, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

बिहार के 18 सालों का ‘वनवास’ होगा खत्म, बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने रणजी ट्राॅफी में शामिल करने की सिफारिश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बिहार के 18 सालों का ‘वनवास’ होगा खत्म, बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने रणजी ट्राॅफी में शामिल करने की सिफारिश

नई दिल्ली। बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने बड़ी राहत दी है। सौरभ गांगुली के नेतृत्व वाली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तकनीकी समिति ने सर्व सम्मति से बिहार की टीम को रणजी ट्राॅफी 2018-19 सत्र में खेलने की अनुमति दे दी है। अब 18 साल से राष्ट्रीय चैंपियनशिप रणजी में बिहार की वापसी होगी। 

गौरतलब है कि बीसीसीआई की तकनीकी समिति ने अपनी बैठक में बिहार को रणजी ट्रॉफी 2018-19 सत्र शामिल करने के साथ और भी कई सिफारिशें की हैं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण रणजी ट्रॉफी में प्री क्वार्टर फाईनल की शुरुआत है। तकनीकी समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि रणजी ट्रॉफी में 2018-19 सत्र में 4 ग्रुप होंगे और मैच ‘होम एंड अवे’ आधार पर खेले जाएंगे जबकि नए सत्र से प्री क्वार्टरफाईनल की शुरुआत की जाएगी। 

ये भी पढ़ें - वाहन चालकों को मिली बड़ी राहत, अब आप अपने डीएल से ही चला सकेंगे कमर्शियल व्हीकल  


आपको बता दें कि बीसीसीआई के सचिव (कार्यवाहक) अमिताभ चौधरी ने कहा कि तकनीकी समिति ने बिहार को रणजी ट्राॅफी के सत्र 2018-19 में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि तकनीकी समिति को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के 18 जुलाई 2016 के दिए गए फैसले के मद्देनजर पूर्वोत्तर के एसोसिएट और संबद्ध सदस्यों पर भी विचार किया जाना चाहिए। अब तकनीकी समिति द्वारा की गई सिफारिशों को बीसीसीआई का कार्यभार देख रही प्रशासकों की समिति को भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद बीसीसीआई की आम सभा में इसे पास किया जाएगा। 

 

Todays Beets: