Friday, June 22, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिलने वाला संदिग्घ पाउडर विस्फोटक नहीं, आगरा लैब ने किया खुलासा, सरकार का इनकार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिलने वाला संदिग्घ पाउडर विस्फोटक नहीं, आगरा लैब ने किया खुलासा, सरकार का इनकार

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिले विस्फोटक को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। आगरा की फोरेंसिक लैब ने कहा कि विधानसभा में जो संदिग्ध पाउडर मिला था, वह विस्फोटक पीईटीएन नहीं है। हालांक उत्तर प्रदेश सरकार इस टेस्ट रिपोर्ट को मानने से इनकार कर रही है। सरकार का कहना है कि पाउडर को जांच के लिए  आगरा नहीं भेजा गया था, क्योंकि आगरा लैब में जांच के लिए मशीन उपलब्ध नहीं है। सरकार का कहना है कि लखनऊ की फॉरेंसिक साइंस लैब ने 14 जुलाई को की गई शुरुआती जांच के बाद संदिग्ध पाउडर में PETN विस्फोटक मिलने की पुष्टि की थी।

ये भी पढ़ें— यूपी विधानसभा में नेता विपक्ष की कुर्सी के पास मिला घातक विस्फोटक, आतंकी करते हैं इस PETN विस...

आगरा फोेरेंसिक लैब के डिप्टी डायरेक्टर एके मित्तल की अगुवाई में इस पाउडर की जांच हुई है।  लैब रिपोर्ट के मुताबिक, पाउडर में किसी भी विस्फोटक के कण नहीं मिले हैं. इस जांच टीम में विस्फोटक जांच के एक्सपर्ट भी शामिल थे। आगरा लैब के एक अधिकारी ने बताया कि अगर आगरा के अलावा और कोई भी लैब इसकी जांच करती है तो उसे भी यह पता चलेगा कि वो पीईटीएन का पाउडर नहीं है। प्रशासन के अधिकारियों ने हैदराबाद की एक लैब में भी इसके सैंपल भेजे थे, उसमें भी यही पता चला है कि वो पाउडर मैग्नेशियम सलफेट है। जो बिल्कुल भी खतरनाक नहीं है।


ये भी पढ़ें— इन्फोसिस के Ex-chairman  ने अपने पद से इस्तीफा देने को बताया बड़ी भूल

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में 12 जुलाई को विधायक की कुर्सी के नीचे संदिग्ध पाउडर मिला था, ​जिसके बाद हड़कंप मच गया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे आतंकी साजिश करार देते हुए इसकी जांच एनआईए से कराने की मांग की थी। फिलहाल एनआईए और यूपी एटीएस इस मामले की जांच कर रही हैं।

 

.

Todays Beets: