Sunday, March 24, 2019

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मध्यप्रदेश में विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान, मंत्री न बनाए जाने से नाराज विधायक ने दी इस्तीफे की धमकी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मध्यप्रदेश में विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान, मंत्री न बनाए जाने से नाराज विधायक ने दी इस्तीफे की धमकी

भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को पटकनी देकर सत्ता संभालने वाले नए मुख्यमंत्री कांग्रेस के कमलनाथ के सामने विभागों के बंटवारे को लेकर बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि एक विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने मंत्री नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा देने की बात कह दी है। खबरों के अनुसार नाराज विधायक ने कमलनाथ मंत्रिमंडल पर वंशवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वे भी बड़े राजनीतिक नेता के बेटे होते तो उन्हें भी मंत्री पद मिल जाता। इससे पहले भी कई बड़े नेता केपी सिंह, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह समेत 10 विधायक मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे और वे आलाकमान से मिलने दिल्ली पहुंच गए। 

गौरतलब है कि राजवर्धन सिंह दत्तीगांव के समर्थकों को इस बार पूरी उम्मीद थी कि उनके नेता को मंत्री जरूर बनाया जाएगा। मंत्री नहीं बनाए जाने पर दत्तीगांव ने कहा कि जनता की उम्मीदें पक्षपात और वंशवाद की भेंट चढ़ा दी गई। अगर वे भी बड़े राजनीतिज्ञ के बेटे होते तो उन्हें भी मंत्री पद मिल जाता। अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे, उन्हें मंत्री बनने का कोई शौक नहीं है। 


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यहां बता दें कि इससे पहले केपी सिंह, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह जैसे बड़े नेता समेत 10 विधायक मंत्री नहीं बनाने पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंच गए। इन नेताओं के समर्थकों ने पार्टी को 3 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए उन्हें मंत्री बनाए जाने की मांग की है। ऐदल सिंह कंसाना को मंत्री नहीं बनाए जाने के विरोध में सुमावली से ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें कि ये तीनों नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विय सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री बने थे। फिलहाल ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बेटे अपने लिए अहम विभागों की मांग पर अड़े हैं।   

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