Friday, July 21, 2017

Breaking News

   नगालैंड: शुरहोजेली ने विश्वासमत से पहले ही मानी हार, ज़ेलियांग ने ली CM पद की शपथ    ||   बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा- पार्टी कहेगी तो दे दूंगा इस्तीफा    ||   डोकलाम विवाद: भारतीय सीमा के पास खूब हथियार जमा कर रहा है चीन!    ||   रवि शास्त्री की चाहत- सचिन को मिले भारतीय बल्लेबाजी का जिम्मा    ||   नियंत्रण रेखा के पास एक चौकी में जवान ने मेजर को गोली मारी, मेजर की मौत    ||   नियंत्रण रेखा पर गुरेज सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश    ||   मानवाधिकार आयोग का आदेश, सेना की जीप से बंधे अहमद डार को दें 10 लाख मुआवजा    ||   सुरजेवाला ने कहा- सनसनी न फैलाएं, 'हां' चीन के दूत से मिले थे राहुल गांधी    ||   देखें, मुजफ्फरनगर के बीजेपी MLA उमेश मलिक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जेल भेजने की धमकी दी, मलिक धरने में बैठे टीचर्स से मिले थे    ||   हैम्बर्ग में 7 जुलाई को G20 समिट के लिए ब्रिक्स नेता होंगे शामिल, पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति भी लेंगे हिस्सा    ||

बेटियों की जिद के आगे झुकी दिल्ली सरकार, स्कूलों के समायोजन के आदेश लिए वापस

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बेटियों की जिद के आगे झुकी दिल्ली सरकार, स्कूलों के समायोजन के आदेश लिए वापस

नई दिल्ली। दिल्ली में बेटियों का हौंसला रंग लाया है और इस वजह से दिल्ली सरकार को स्कूलों के विलयन के फैसले को वापस लेना पड़ा है। बता दें कि सरकार ने पुरानी दिल्ली के कई स्कूलों को विलय कर एक करने के आदेश दिए थे इससे पुरानी दिल्ली इलाके के करीब 1766 बच्चे प्रभावित हो रहे थे और इसमें से 1536 लड़कियां हैं। इन लड़कियों ने सरकार के इस फैसले का जबर्दस्त विरोध किया था और इसमें उनके घरवालों ने भी उनका साथ दिया था। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया स्कूलों ने आदेश जारी कर समायोजन के आदेश को वापस लेने की बात कही।

इन स्कूलों का होना था समायोजन

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने 7 जुलाई को पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद गवर्नमेंट ब्याॅज सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल के अलावा लाल कुआं, पनामा बिल्डिंग,देव नगर, बेला रोड सर्वोदय कन्या विद्यालय और हवेली आजम खां का गवर्नमेंट गल्र्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल को एक साथ मर्ज करने का फैसला लिया था। स्कूलों के विलयन का छात्राओं ने जमकर विरोध किया। 

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में मौसम ने रोके स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं के कदम, बंद रास्तों को खोलने की मांग

सरकार ने वापस लिए फैसले

आपको बता दें कि पुरानी दिल्ली के इन इलाकों में कई ऐसे परिवार भी रहते हैं जो आर्थिक तौर पर काफी कमजोर हैं। ऐसे में कई बच्चे सुबह के समय अन्य घरों में कामकर दोपहर की पाली (शिफ्ट) में स्कूल जाती हैं। स्कूलों का मर्जर होने के बाद अगर स्कूल शुरू होने का समय सुबह का कर दिया जाता तो कई छात्राओं को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती थी। यहां यह भी बता दें कि सरकार ने जिन स्कूलों के मर्जर का फैसला लिया था उसमें से हवेली आजम खां का गवर्नमेंट गल्र्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल वहां का परिणाम अक्सर 100 फीसदी रहता है और इसके लिए स्कूल को इंदिरा अवार्ड भी मिल चुका है। छात्राओं के विरोध को देखते हुए दिल्ली सरकार को झुकना पड़ा और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को समायोजन के आदेश को वापस लेने के आदेश जारी करने पड़े।

 

Todays Beets: