Monday, December 10, 2018

Breaking News

   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||   बजरंगबली पर दिए गए बयान को लेकर हिन्दू महासभा ने योगी को कानूनी नोटिस भेजा     ||   पीएम मोदी 3 द‍िसंबर को हैदराबाद में लेंगे पब्ल‍िक मीट‍िंग     ||   भगत स‍िंह आतंकवादी नहीं, हमारे देश को उन पर गर्व है- फारुख अब्दुल्ला     ||   अन‍िल अंबानी की जेब में देश का पैसा जा रहा है-राहुल गांधी     ||    दिल्ली: TDP नेता वाईएस चौधरी को HC से राहत, गिरफ्तारी पर रोक     ||    पूर्व क्रिकेटर अजहर तेलंगाना कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए     ||   किसानों को कांग्रेस ने मजबूर और बीजेपी ने मजबूत बनाया: PM मोदी     ||

राजस्थान में चुनाव से पहले भाजपा को ‘बागी' नेता देंगे चुनौती, 29 अक्टूबर को करेंगे किसान महाहुंकार रैली

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राजस्थान में चुनाव से पहले भाजपा को ‘बागी

जयपुर। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान किए जाएंगे। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। भाजपा में नाराज नेताओं की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। बाड़मेर से भाजपा के विधायक मानवेन्द्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने की खबर के बाद अब एक और बागी नेता हनुमान बेनीवाल ने 29 अक्टूबर को किसान महाहुंकार रैली कर अपनी ही सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने की तैयारी कर ली है। इसी रैली में वे अपनी नई पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं। 

गौरतलब है कि हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। अपनी ही पार्टी की मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए अब वे 29 अक्टूबर को जयपुर में किसान महाहुंकार रैली का आयोजन कर रहे हैं। खबरों के अनुसार वे इसी दिन अपनी नई पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं। 


ये भी पढ़ें - मध्यप्रदेश में चुनाव आयोग की नेताओं पर सख्ती, पंडालों में ताम-झाम के साथ जाने पर लगाई रोक

बता दें कि साल 2008 में भाजपा के टिकट पर खींवसर से विधायक चुने गए बेनीवाल की वसुंधरा राजे से नहीं बनी और वह अलग हो गए। साल 2013 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते। राज्य की राजनीति में बड़ी भागीदारी रखने वाला जाट समुदाय नागौर, सीकर, बीकानेर सहित शेखावटी के कई जिलों की 50 से ज्यादा सीटों में चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है। गौर करने वाली बात है कि नागौर में की गई रैली में भारी संख्या में उनके समर्थक जुटे थे। इसके बाद से उन्होंने अब जयपुर में किसान हुंकार महारैली कर सरकार के सामने नई चुनौती पेश करने का मन बना चुके हैं।  

Todays Beets: