Thursday, January 17, 2019

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गर्भवति इलाज के लिए पहुंची थी अस्पताल और स्टाफ ने उसे बना दिया HIV संक्रमित 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
गर्भवति इलाज के लिए पहुंची थी अस्पताल और स्टाफ ने उसे बना दिया HIV संक्रमित 

शिवकाशी । एनीमिया की शिकायत लेकर सरकारी अस्पताल में जाना एक गर्भवती महिला को बहुत भारी पड़ गया। इस सरकारी अस्पताल के स्टाफ ने गर्भवति को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिया। इसके बाद अचानक जब महिला की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई तो स्टाफ को अपनी गलती का पता चला, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन फानन में महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालात गंभीर बताई जा रही है।  अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं इस खबर के सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने सरकारी और निजी ब्लड बैंक की जांच के आदेश दिए हैं।

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डॉक्टरों ने खून चढ़ाने को कहा 

बता दें कि तमिलनाडु के शिवकाशी स्थित सरकारी अस्पताल में गत 3 दिबंर को एक गर्भवती एनीमिया की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची । अस्पताल में डॉक्टर ने उनकी जांच करने के बाद उन्हें खून चढ़ाने के लिए स्टाफ को कहा। इस दौरान स्टाफ ने उसे एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया, जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

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एचआईवी टेस्ट के लिए खून जांच करवाई थी


जांच में सामने आया है कि गत 30 नवंबर को एक शख्स ने विदेश जाने से पहले एक निजी अस्पताल में अपनी खून की जांच करवाई थी। इस जांच में वह एचआईवी संक्रमित पाया गया। ऐसे में उसने प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट की पुष्टि के लिए उसने शिवकाशी से सरकारी अस्पताल में अपना खून डोनेट किया, लेकिन यहां भी जांच में उसका खून संक्रमित पाया गया था, बावजूद इसके खून के पैकेट को ब्लड बैंक में ही रखा गया।

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खून चढ़ने के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत

वहीं सरकारी अस्पताल ने जब महिला को खून चढ़ा के अस्पताल से छुट्टी दे दी तो कुछ दिनों बाद महिला की तबीयत बिगड़ी । इस पर वह दोबारा सरकारी अस्पताल आई तो उसके एचआईवी संक्रमित होने की रिपोर्ट आई। इस पर सामने आया कि अस्पताल ने पिछले दिनों जो खून चढ़ाया था वो एचआईवी संक्रमित था, जिसके चलते उसकी तबीयत बिगड़ी है। बहरहाल , अब महिला की काउंसलिंग के साथ ही उसका इलाज किया जा रहा है।

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