Sunday, September 24, 2017

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बच्ची के शव के लिए नहीं मिली एंबुलेंस, पिता कंधे पर उठाकर चल दिए ...

अंग्वाल संवाददाता
बच्ची के शव के लिए नहीं मिली एंबुलेंस, पिता कंधे पर उठाकर चल दिए ...

फरीदाबाद। शहर के हॉस्पिटल बादशाह खान में इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि बच्ची के शव को घर तक ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई। करीब आधे घंटे तक जब उसे एंबुलेंस नहीं मिली तो पीड़ित पिता बच्ची के शव को कधें पर उठाकर अस्पताल से चल दिए। हालांकि, कुछ दूर चलने पर लोगों ने प्राइवेट एंबुलेंस कराकर उन्हें बेटी के शव के साथ घर भेजा। वहीं सिविल सर्जन डॉ गुलशन अरोड़ा ने बच्ची की मौत की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है।

डबुआ कॉलोनी निवासी सोनू ने अपनी नौ साल की बेटी लक्ष्मी को गंभीर हालत में शुक्रवार को बीके अस्पताल में एडमिट कराया था। इससे पहले भी वह दो अस्पतालों में बच्ची के इलाज के लिए धक्के खा चुका थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह उसे बीके हॉस्पिटल लेकर आए थे। यहां पर डॉक्टरों ने बच्ची को गंभीर हालत में देखकर एडमिट कर लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि लक्ष्मी को सुबह 10.30 बजे एडमिट किया गया था जबकि उसकी मौत दोपहर 12 बजे के करीब हुई। लक्ष्मी को तेज बुखार के अलावा दस्त होने की वजह से डिहाईड्रेशन हो गया था।


लक्ष्मी की मौत के बाद उसके माता-पिता शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस ढूंढ़ने लगे, लेकिन काफी इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं मिली। बीके हॉस्पितल में खड़ी रेड क्रॉस की एंबुलेंस के ड्राइवर से भी संपर्क किया गया । तो पता चला की एंबुलेंस खराब है। एंबुलेंस नहीं मिलने पर पिता सोनू अपनी बेटी के शव को कंधे पर लेकर घर की ओर चलने लगा। इस दौरान कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी।

इसके बाद शव को कुछ लोगों के सहयोग से प्राइवेट एंबुलेंस के जरिए घर पहुंयाया गया। सिविल सर्जन डॉ गुलशन अरोड़ा ने बताया कि बच्ची को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। बच्ची को बेहद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। वह तेज बुखार, दस्त और डिहाईड्रेशन से पीड़ित थी। क्या एंबुलेंस केवल जीवित मरीज को ही उपलब्ध कराई जाती है । इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया हैं।

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