Tuesday, January 23, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

इलाज में लापरवाही बरतने पर अस्पताल सील, पूछताछ के लिए दो डॉक्टर हिरासत में

अंग्वाल संवाददाता
इलाज में लापरवाही बरतने पर अस्पताल सील, पूछताछ के लिए दो डॉक्टर हिरासत में

रायपुर। महासमुंद जिले के बागबाहरा में गुरुवार को एक निजी अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है।  बताया जा रहा है कि मृत व्यकित के परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। जांच के बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही दो डॉक्टरों को पूछताछ के हिरासत में लिया है। बता दें कि एक माह पहले 14 अगस्त को बीके बाहरा निवासी लेखराम यादव को कुत्ते ने काट लिया था। तब से ही लेखराम का इलाज बागबाहरा के निजी आयुष्मान अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टर ने घाव पर टांके लगाकर मरहम-पट्टी करके रैबीज का इंजेक्शन नहीं दिया। 12 सितंबर को अचानक लेखराम की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उसे रायपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही पीड़ित ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन भड़क उठे और अस्पताल के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया ।

यह भी पढ़े- मुंबई में मेडिकल की छात्रा ने हॉस्टल रूम में लगाई फांसी 


उन्होंने अस्पताल के बाहर एनएच-353 पर मृतक शव को रखकर चक्काजाम कर दिया और अस्पताल तथा लापरवाह डॉक्टर्स पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करते रहे। हंगामे की सूचना के बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम प्रेमप्रकाश शर्मा और पुलिस प्रशासन की ओर से एसएसपी संजय ध्रुव मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद प्रसाशन ने चिकित्सकों की टीम बुलाकर इलाज की प्रक्रिया की जांच की। इलाज में लापरवाही की बात सामने आने पर तत्काल अस्पताल को सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल के दो डॉक्टरों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।   

यह भी पढ़े-  जयपुर में पुलिस और लोगों में झड़प में एक की मौत, इलाके में कर्फ्यू लागू

Todays Beets: