Saturday, May 25, 2019

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'आप' के अपने अड़ाएंगे राज्यसभा की राह मे रोड़े, कपिल मिश्रा ने चुनावों के लिए बनाई ये रणनीति

अंग्वाल न्यूज डेस्क

नई दिल्ली । दिल्ली में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आम आदमी पार्टी के भीतर मचा घमासान पार्टी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने के बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। चुनाव नामांकन का शुक्रवार को आखिरी दिन है। पार्टी के उम्मीदवारों का ऐलान करने के साथ भले ही आप के भीतर मची खींचातानी तो खत्म कर दी गई है, लेकिन अब पार्टी के बागी नेताओं ने 'आप' की राह में रोड़ा अटकाने की रणनीति बना डाली है। 'आप' के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने राज्यसभा उम्मीदवार सुशील गुप्ता के खिलाफ पार्टी की दिवंगत नेता संतोष कोली की मां कलावती को उतारने का ऐलान किया है।  कपिल मिश्रा ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के कई विधायक उनके साथ हैं।  

बता दें कि दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों के दमदार संख्याबल के आगे ये बात तो तय है कि आप के उम्मीदवारों का राज्यसभा में जाना लगभग तय है। 'आप' ने 3 जनवरी को तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें संजय सिंह, सुशील गुप्ता और डीएन गुप्ता को अपना उम्मीदवार बताया गया। सुशील गुप्ता पेशे से बड़े कारोबारी है और कांग्रेस के टिकट पर 'आप' के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।  सुशील को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी की खूब आलोचना हो रही है। इसके अलावा उम्मीदवारों में कुमार विश्वास का नाम नहीं होने से पार्टी का एक गुट विरोध में चला गया है। 


पार्टी में इस अंदरूनी खींचतान का लाभ उठाने के लिए आप विधायक कपिल मिश्रा ने संतोष कोली की मां कलावती को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। कलावती के नामांकन के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि 'आप' पार्टी में और कितने विधायक खिलाफ चल रहे हैं, क्योंकि नामांकन के लिए 7 विधायकों का समर्थन चाहिए होगा। इसमें से 4 विधायक भाजपा के हैं, अगर ये भी कलावती के समर्थन में आ जाएं तो कपिल मिश्रा को आप' के महज दो विधायकों की जरूरत होगी। हालांकि कपिल मिश्रा दावा कर रहे हैं कि उनके साथ पार्टी के कई विधायक हैं।  

बता दें कि संतोष कोली ने अरविंद केजरीवाल के साथ सूचना के अधिकार कानून पर खूब काम किया था। दिल्ली के सीमापुरी इलाके सुंदरनगरी इलाके से अरविंद केजरीवाल और उनके कामों को जो पहचान मिली उसका श्रेय संतोष कोली को ही जाता है। दिसम्बर, 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाओं के लिए संतोष सीमापुरी विधानसभा सीट से दावेदार थी, लेकिन चुनावों से पहले जून में दिल्ली से सटे कौशांबी में एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में संतोष की मौत हो गई। 

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