Tuesday, June 18, 2019

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'नीतीश कुमार भाजपा छोड़ महागठबंधन में आना चाहते थे , बातचीत के लिए प्रशांत किशोर को कई बार भेजा लालू के पास'

अंग्वाल न्यूज डेस्क

पटना । लंबे समय तक बिहार की राजनीति का केंद्र रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव इन दिनो चारा घोटाला को लेकर जेल में हैं। हालांकि उनकी तबीयत को लेकर कई बार खबर आती रहती है, लेकिन इस बार खबर आई है जल्द ही बाजार में मुहैया होने वाली लालू यादव की आत्मकथा में किए एक खुलासे की । खबर है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की किताब 'गोपालगंज टू रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी' में उन्होंने एक प्रसंग में लिखा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होने के 6 महीने बाद दोबारा से महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे। नीतीश कुमार ने अपने सहयोगी प्रशांत किशोर को 5 बार उनके पास बातचीत के लिए भेजा लेकिन लालू ने नीतीश को वापस महागठबंधन में लेने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि इन खबरों के बाद अभी तक न तो जदयू प्रमुख नीतीश कुमार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है , लेकिन जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहनाम है कि वह लालू से मिले जरूर थे लेकिन अगर इन बातों का खुलासा हो जाएगा तो लालू को काफी शर्मिदगी होगी।

लोकसभा चुनावों से पहले चर्चा

असल में लोकसभा चुनावों से पहले लालू यादव की बाजार में आने वाली किताब के प्रसंग का सुर्खियों में आना किसी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन लालू यादव ने अपनी आत्मकथा में जो खुलासा किया है, उसने लोगों को चौंका जरूर दिया है । जानकारी के मुताबिक , लालू ने लिखा कि नीतीश कुमार के महागठबंधन में दोबारा शामिल होने की कोशिशों को उन्होंने हरी झंडी नहीं दिखाई । नीतीश ने अपने करीब प्रशांत किशोर को भी एक नहीं 5 बार उनसे बातचीत के लिए भेजा, लेकिन वो राजी नहीं हुए।

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नीतीश ने तोड़ा था भरोसा

जानकारी के मुताबिक , राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की किताब 'गोपालगंज टू रायसीना: माइ पॉलिटिकल जर्नी' में उन्होंने एक प्रसंग में लिखा है कि नीतीश कुमार की महागठबंधन में दोबारा एंट्री पर इसलिए रोक लगा दी क्योंकि नीतीश ने उनका भरोसा तोड़ दिया था । वह नीतीश कुमार पर दोबारा विश्वास नहीं कर सकते थे। हालांकि नीतीश कुमार से कोई ज्यादा नाराजगी नहीं थी, लेकिन चिंता थी कि अगर उन्होंने प्रशांत किशोर की बात मानकर नीतीश को दोबारा महागठबंधन में शामिल कर लिया तो बिहार की जनता इसको किस तरीके से लेगी।


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तेजस्वी से भी मिले थे प्रशांत किशोर

लालू की किताब में दावा किया गया है कि नीतीश को महागठबंधन में शामिल करने के लिए प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की थी। प्रशांत किशोर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि अगर ऐसा होता है तो लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की उत्तर प्रदेश और बिहार में बड़ी जीत होगी और भाजपा को इन दोनों राज्यों से समाप्त कर दिया जाएगा।

प्रशांत किशोर ने दावों को किया खारिज

अपनी किताब में ऐसे सनसनीखेज दावे किए जाने पर जदयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावों को पूरी तरह खारिज किया । उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- लालू प्रसाद ने अपने आप को चर्चा में बनाए रखने के लिए एक नाकामयाब कोशिश की है। प्रशांत किशोर ने कहा कि लालू के अच्छे दिन अब पीछे रह गए हैं। उन्होंने ट्वीट में मिलने की बात स्वीकार की लेकिन  खुलासा किया कि दोनों के बीच इस दौरान क्या-क्या बातें हुई तो इससे लालू प्रसाद यादव को काफी शर्मिंदगी महसूस होगी।

 

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