Tuesday, September 19, 2017

Breaking News

   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||   पंचकूला से लंदन तक दिखा राम-रहीम विवाद का असर, ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी    ||   PAK कोर्ट ने हिंदू लड़की को मुस्लिम पति के साथ रहने की मंजूरी दी    ||   बिहार आए पीएम मोदी, बाढ़ से हुई तबाही की गहन समीक्षा की    ||   जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सुनाई जाएगी सजा    ||   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||

'बिहार में लाखों लीटर शराब पीने वाले चूहों की वजह से बिहार में आई बाढ़'

अंग्वाल संवाददाता

पटना । चूहों पर लाखों लीटर शराब पीने का आरोप लगाने वाली बिहार सरकार ने एक बार फिर इन चूहों पर नया आरोप मढ़ दिया है। इस बार इन चूहों को राज्य में आई बाढ़ का कारण करार दिया गया है। यह बात किसी और ने नहीं बल्कि राज्य के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन ने कही है। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया है कि मुख्य नदी से बांध काफी दूर होते हैं। नदी किनारे रहने वाले लोग बांध पर मचान बनाकर उसमें अनाज रखते हैं, जिससे वहां चूहे आ जाते हैं। ये चूहे बांध में छेद कर देते हैं, जिससे बांध कमजोर हो जाता है। 

ये भी पढ़ें - मोदी को सवाल पूछने वाले अच्छे नहीं लगते, सभी केंद्रीय मंत्री उनसे डरते हैं - भाजपा सांसद

बता दें कि इस बार बिहार में आई बाढ़ में भारी नुकसान हुआ है। इस बाढ़ का शुक्रवार को मुआयना किया राज्य के जल संसाधन मत्री राजीव रंजन ने। मुआयना करने के बाद उन्होंने राज्य में आई बाढ़ का सारा ढीकरा चूहों पर फोड़ दिया। बता दे कि इससे पहले राज्य में अवैध रूप से पाई गई जब्त शराब के गायब होने पर कहा गया था कि चूहें यह शराब पी गए, अब बाढ़ का कारण इन चूहों को बताया गया है। मंत्री जी ने अपनी बातों को साबित करने के लिए इस दौरान कई तर्क भी दिए। उन्होंने कहा कि अमूमन मुख्य नदी से बांध के बीच दूरी काफी होती है लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोग बांध पर मचान बनाकर उसमें अनाज रख देते है। यहीं से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। मचान पर रखे अनाज की खोज में चूहे वहां आ जाते हैं और बाद में ये चूहे वहां छेद करके बांध को कमजोर बना देते हैं। 

ये भी पढ़ें - कैबिनेट में फेरबदल रविवार सुबह, 10 नए नेताओं को मिलेगा मंत्री पद

मंत्रीजी बोले-विशेषज्ञ भी इस बात को मानते हैं कि चूहे बांध को कमजोर कर देते हैं।  उनका कहना है कि इस सीजन में भारी बारिश के अलावा बाढ़ को चूहों की ओर से नुकसान पहुंचाने की बात विशेषज्ञ खुद मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमने 72 घंटों के भीतर कई जगहों पर चूहे के बिल बंद करके लोगों को बाढ़ की चपेट में आने से बचाया है। 

अब मंत्री जी बोले तो उनके विभागीय मुख्य सचिव की बोली-भाषा कैसे बदल सकती थी। विभाग के मुख्य सचिव अंजनी कुमार ने भी राज्य में आए बाढ़ का कसूरवार इन चूहों को बता दिया। अब मंत्री जी के इस बयान की काफी निंदा हो रही है। राजद के नेताओं ने उनके इस बयान को लेकर उनकी खासी अलोचना की है। 

ये भी पढ़ें - मासूमों को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन खेल 'ब्लू व्हेल' की एडमिन गिरफ्तार, घर से मिला चौंकाने वाला सामान


राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तो इस बयान के बाद ट्वीट कर सरकार और मंत्री जी पर हमला भी बोला। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- ये मंत्रीजी सबसे बड़े चूहे हैं। शराब भी चूहे पी रहे हैं, अनाज भी चूहे खा रहे हैं, बाढ़ भी चूहे ला रहे हैं. चूहे राज्य में इतने प्रभावशाली हो गए हैं, तो उन्हीं को सरकार में बिठा दीजिए. ऐसी सरकार देखिए, अपनी गलती चूहों के पीछे छुपा रही है।

 

 इतना ही नहीं भाजपा विधायक मिलिथेश तिवारी भी जल संसाधन मत्री राजीव रंजन के बयानों से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि पहले सदन में उन्होंने कहा था कि सारे बांध सुरक्षित हैं. अब जब लोग बाढ़ से पीड़ित हैं, तो अब वो ऐसे तर्क दे रहे हैं। 

ये भी पढ़ें - देश से जल्द खत्म हो जाएगा खाकी वर्दी का खौफ !

Todays Beets: