Saturday, May 25, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

गहलोत के ‘मुस्लिम मंत्री’ ने पेश की धार्मिक सद्भाव की मिसाल, शिव मंदिर में किया रुद्राभिषेक 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
गहलोत के ‘मुस्लिम मंत्री’ ने पेश की धार्मिक सद्भाव की मिसाल, शिव मंदिर में किया रुद्राभिषेक 

जयपुर। देश में लगातार बढ़े धार्मिक असहिष्णुता के बीच राजस्थान सरकार के एक मुस्लिम मंत्री ने धार्मिक समभाव की मिसाल पेश की है। अपनी इस आस्था की वजह से राजस्थान सरकार के यह मंत्री काफी सुर्खियों में भी रहे हैं। दरअसल राज्य के अल्पसंख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद पोखरण विधानसभा सीट से विधायक हैं और उनकी आस्था यहां के शिवमंदिर में काफी है। पहले विधायक और अब मंत्री बनने के बाद सालेह ने मंदिर में पहुंचकर रुद्राभिषेक किया। बता दें कि इससे पहले वे कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने से पहले भी रामदेवरा मंदिर में पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद लिया था। 

गौरतलब है कि सालेह मोहम्मद अशोक गहलोत सरकार में एक मात्र मुस्लिम मंत्री हैं। बताया जा रहा सालेह मुस्लिम धर्मगुरु गाजी फाकिर के बेटे हैं जो कि जैसलमेर-बाड़मेर से लगने वाली भारत-पाकिस्तान सीमा पर रहने वाले सिंधी समुदाय के धार्मिक गुरु हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सालेह कि खिलाफ हिंदू संत महाराज प्रताप पुरी को उतारा था। दोनों को ही 823 हजार से ज्यादा मत प्राप्त हुए। कांटे की टक्कर के बाद सालेह ने महज 874 मतों से प्रताप पुरी को मात दी। 


ये भी पढ़ें - अब 'उत्तराखंडी' चाय की खुशबू और फैलेगी, कफलांग में फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया शुरू

यहां बता दें कि एक मुसलमान होकर मंदिर में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी और उनके परिवार की आस्था मंदिरों में है और उन्हें जब भी मौका मिलता है वे वहां जाकर प्रदेश की शांति और समृद्धि के लिए मन्नत मांगते हैं। शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करने के बाद सालेह ने माथे पर चंदन लगाया और कलाई में रक्षासूत्र भी बांधा। संत मधुसूदन ने मंत्र पढ़कर उनकी पूजा को संपन्न कराया। आपको बता दें कि सालेह ने जब मंत्री पद की शपथ ली थी तब भी उन्होंने अपने माथे पर चंदन और सिर पर भगवा रंग की पगड़ी बांध रखी थी।

Todays Beets: