Tuesday, January 22, 2019

Breaking News

   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||

जम्मू कश्मीर में दंगा और प्रदर्शन करने वालों की खैर नहीं, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूला जाएगा पैसा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जम्मू कश्मीर में दंगा और प्रदर्शन करने वालों की खैर नहीं, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूला जाएगा पैसा

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों की अब खैर नहीं होगी। राज्यपाल एनएन वोहरा ने सरकार के उस अध्यादेश को मंजूरी दी है जिसमें कहा गया है कि प्रदर्शन, रैली या हिंसक वारदातों के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा या फिर उन्हें 5 सालों की जेल भी हो सकती है। 

सरकार क्यों भरे पैसा

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में आए दिन सेना की कार्रवाई के विरोध में पथराव और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता रहा है। इन घटनाओं के सार्वजनिक संपत्तियों के साथ निजी संपत्ति का नुकसान होता है। प्रदेश के राज्यपाल एनएन वोहरा ने अध्यादेश पारित हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई हर बार सरकार ही क्यों करे?

ये भी पढ़ें - सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी पंडितों को दिया बड़ा झटका, हत्याकांड की दोबारा जांच की याचिका की खारिज

प्रदर्शनकारियों से वसूला जाएगा पैसा

गौरतलब है कि जम्मू एंड कश्मीर पब्लिक प्रॉपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमेज) (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2017 के तहत सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मौजूदा कानूनों में बदलाव कर यह अध्यादेश पारित किया गया है और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो चुका है। ऐसा करने से प्रदर्शनकारियों और दंगा फैलाने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी। दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे। बंद, हड़ताल, प्रदर्शन या किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान अगर सावर्जनिक के साथ-साथ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसका आह्वान करने वालों को 2 से 5 पांच साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा उनपर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा।

सरकार की सिफारिश पर दी मंजूरी 


आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में अभी विधानसभा सत्र नहीं चल रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सिफारिश पर राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 91 के तहत अध्यादेश को लागू किया है। पहले का कानून सिर्फ सरकारी संपत्ति या सरकारी संस्था के मालिकाना हक वाली संपत्ति को हुए नुकसान पर लागू होता था।

 

 

 

 

 

 

Todays Beets: