Monday, July 23, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

यूपी में भी फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वालों पर गिरी गाज, 12 शिक्षक बर्खास्त

अंग्वाल न्यूज डेस्क
यूपी में भी फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वालों पर गिरी गाज, 12 शिक्षक बर्खास्त

लखनऊ। उत्तराखंड के बाद अब यूपी में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। उत्तरप्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी डिग्री के सहारे बहराइच में नौकरी कर रहे 12 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए इन शिक्षकों में से 5 महिलाएं हैं और फर्जी दस्स्तावेजों की खबर के बाद से ही ये सभी फरार चल रहे थे। बता दें कि ये शिक्षक कन्नौज, बहराइच और आगरा में तैनात थे। 

गौरतलब है कि इन शिक्षकों में से कुछ साल 2011 से ही नौकरी कर रहे थे। इनके प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की खबर के बाद जब विभाग ने इसकी जांच शुरू की, जांच अधिकारी इनतक पहुंचते इससे पहले ही ये लोग फरार हो गए। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने इस सभी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। 

ये भी पढ़ें - पश्चिम बंगाल में बारिश और तूफान का कहर, 15 लोगों का मौत, 50 से ज्यादा घायल


यहां बता दें कि  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि बीते कुछ साल में जिले के प्राथमिक विद्यालयों में टी.ई.टी. उत्तीर्ण बी.एड. डिग्री धारियों की नियुक्ति हुई थी। इनमें कन्नौज, एटा, कानपुर, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, मैनपुरी एवं आगरा के शिक्षक शामिल थे। इनमें एक शिक्षक की नियुक्ति 2016 में, 4 की नियुक्ति 2017 में और 7 शिक्षकों की नियुक्ति 2011 में हुई थी। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग को जांच में इनके प्रमाण पत्र फर्जी मिले जिसके बाद इनकी जांच पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व वाली एसआईटी को सौंपी गई।  उन्होंने बताया कि एसआईटी जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षकों को 22 दिसंबर 2017 को नोटिस भेजा गया था लेकिन नोटिस मिलने पर फर्जीवाड़े का खुलासा होते देख सभी शिक्षक ड्यूटी से नदारद हो गए। उन्होंने बताया कि 3 महीने तक इंतजार के बाद भी इन शिक्षकों का जवाब नहीं मिला। कल अधिकारी ने इन सभी शिक्षको को बर्खास्त करते हुए इनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

 

Todays Beets: