Sunday, July 22, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

तेजप्रताप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अब निगरानी विभाग करेगा मिट्टी घोटाले की जांच 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
तेजप्रताप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अब निगरानी विभाग करेगा मिट्टी घोटाले की जांच 

पटना। आयकर विभाग के बाद बिहार सरकार ने भी राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार पर दवाब बढ़ाना शुरू कर दिया है। नीतिश सरकार ने मिट्टी घोटाले की जांच सतर्कता विभाग से कराने की घोषणा की है। बता दें कि यह घोषणा लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप पर आरोप लगाने वाले मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने की है। मोदी के पास इस समय वन और पर्यावरण मंत्रालय का प्रभार भी है।

मिट्टी की खरीदो फरोख्त में घोटाला

गौरतलब है कि सुशील कुमार मोदी का कहना है कि विजिलेंस विभाग की जांच एक निश्चित समय सीमा के अंदर कराकर उसकी रिपोर्ट पटना हाईकोर्ट में सौंपी जाएगी। हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही मिट्टी घोटाले की रिपोर्ट तलब की थी।  आपको बता दें कि पटना में लालू प्रसाद के निर्माणाधीन एक माॅल से निकली मिट्टी का इस्तेमाल चिड़ियाघर में सड़क निर्माण के लिए किया गया। मिट्टी की खरीद फरोख्त में कुछ लोगों को लाखों का भुगतान किया गया। इस मामले को उस समय के विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने ही उजागर किया था।


ये भी पढ़ें - अफगानिस्तान में हुआ आत्मघाती हमला, 72 से ज्यादा लोगों की मौत

तेजप्रताप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

यहां बता दें कि इस मामले की विभागीय जांच की गई थी लेकिन सुशील मोदी ने इसपर लीपापोती का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि जो काम टेंडर से होना था वह सिर्फ कुछ फर्म से कोटेशन लेकर कर दिया गया। इस कोटेशन प्रक्रिया में भी धांधली के आरोप थे। मोदी ने यह भी आरोप लगाया था कि सड़क का निर्माण उस जगह पर कर दी गई जहां इसकी जरूरत नहीं थी। विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि महागठबंधन की सरकार रहने के कारण जांच लालू यादव के प्रभाव में हुई थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुर्सी बचाने के लिए इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब विजिलेंस की जांच होगी तो इसके दायरे में तब के स्वास्थ्य और वन मंत्री तेजप्रताप भी आ सकते हैं।  

Todays Beets: