Saturday, October 20, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

वैज्ञानिकों ने की नई अल्गोरिद्म विकसित, फेसबुक और ट्विटर के फर्जी यूजर्स का पता लगाना होगा आसान

अंग्वाल न्यूज डेस्क
वैज्ञानिकों ने की नई अल्गोरिद्म विकसित, फेसबुक और ट्विटर के फर्जी यूजर्स का पता लगाना होगा आसान

नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया साइट फेसबुक के डाटा लीक होने की खबर के बाद वैज्ञानिकों ने इसे ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए गलत और फेक यूजर्स की पहचान करने के लिए एक अलग किस्म का अल्गोरिथम विकसित किया है जिससे फेसबुक और ट्विटर पर फर्जी यूजर का पता आसानी से लगा सकते हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि फर्जी यूजर ज्यादातर अपने दोस्तों को अजीबोगरीब लिंक भेजते हैं। 

गौरतलब है कि इजरायल में हुए शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि हाल के दिनों में फेसबुक पर डाटा का सुरक्षित न रहना वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ा रहा है। इस्राइल की बेन-गुरियोन यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता दीमा कगान ने कहा, ‘हाल के दिनों में यूजर की निजता को सुरक्षित रखने में नाकामयाबी की चिंताजनक खबरें और चुनावों को प्रभावित करने के लिए रूस द्वारा सोशल मीडिया के लमन~नस"; सउद्देश्य  इस्तेमाल की खबरों के बाद फेक यूजरों को हटाना बहुत जरूरी हो गया है।


ये भी पढ़ें - रिलायंस जियो टेलीकाॅम कंपनियों को दे सकती है एक और झटका, बाजार में लाएगी सिम वाला लैपटाॅप

कगान ने कहा, ‘हमने हमारे अल्गोरिद्म की जांच 10 अलग - अलग सोशल नेटवर्कों पर मौजूद नकली और वास्तविक डाटा संग्रहों पर की। इसने दोनों पर ही अच्छे से काम किया।’ यह अध्ययन सोशल नेटवर्क एनालिसिस एंड माइनिंग पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। 

Todays Beets: