Saturday, October 20, 2018

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शिक्षा व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा अगस्त्यमुनि का यह प्राथमिक विद्यालय, 6 सालों से 5 कक्षाएं एक ही कमरे में चल रहीं

अंग्वाल न्यूज डेस्क
शिक्षा व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा अगस्त्यमुनि का यह प्राथमिक विद्यालय, 6 सालों से 5 कक्षाएं  एक ही कमरे में चल रहीं

देहरादून। राज्य सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई उपाय कर रही हो लेकिन शिक्षा विभाग की लापरवाही कई खतरनाक मुसीबतों को दावत दे रही है। अगस्त्यमुनि ब्लाॅक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्यार्क की हालत राज्य के सिस्टम को मुंह चिढ़ा रहा है। इस स्कूल में पिछले 6 सालों से 5 कक्षाएं एक ही कमरे में चलाई जा रही हैं। इस स्कूल के भवन की जर्जर हालत छात्रों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है।

विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं

गौरतलब है कि बरसात की वजह से स्कूल का भवन पूरी तरह से कमजोर हो चुका है। बता दें कि 6 सालों के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वर्तमान सत्र में यहां 12 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। यह स्कूल जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इसके बावजूद विभाग की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया।

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हादसे को निमंत्रण

विद्यालय का भवन जर्जर हाल में हादसों को न्यौता दे रहा है। ऐसे में तैनात शिक्षक/शिक्षिकाओं द्वारा पांच कक्षाओं का संचालन एक अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है। यहां बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं हो पा रही हैं, जिस कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस गांव के रहने वाले प्रेम सिंह, जेपी चमोला, उमेद सिंह ने बताया कि विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 1962 में किया गया था। इसके बाद 1994 में विभाग द्वारा थोड़ी मरम्मत करा दी गई। तब से आज तक विभाग द्वारा स्कूल भवन की सुध तक नहीं ली गई है। इस स्कूल पर लगे तख्ते और कड़ी सड़ कर झुक गए हैं और दीवारों में दरारे आ गई हैं।  यहां बड़ी बात यह है कि स्कूल के हालात से विभाग, प्रशासन और मुख्यमंत्री को भी बीडीसी बैठक में अवगत कराया जा चुका है लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है।  वहीं दूसरी तरफ राजकीय प्राथमिक डुंग्री एवं भुनका और जूहा बैरागणा के भवन क्षतिग्रस्त होने से कक्षाओं का संचालन लंबे समय से दूसरी जगह हो रहा है।  

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