Wednesday, March 27, 2019

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अब होगा ‘सबका साथ सबका विकास’, रेणुका परियोजना पर उत्तराखंड समेत 6 राज्यों ने किया करार 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब होगा ‘सबका साथ सबका विकास’, रेणुका परियोजना पर उत्तराखंड समेत 6 राज्यों ने किया करार 

देहरादून। केन्द्र सरकार न सिर्फ भाजपा शासित राज्यों बल्कि गैरभाजपाई राज्यों के भी विकास पर भी एक जैसा ही ध्यान दे रही है। इसका उदाहरण शुक्रवार को नई दिल्ली में देखने को मिला जब केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गड़करी की उपस्थिति में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। इस मौके पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एमओयू होने से काफी समय से लम्बित चल रही रेणुका परियोजना की राह खुली है। 

गौरतलब है कि सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना के बनने से 6 राज्य लाभान्वित होंगे। बता दें कि इससे पूर्व लखवाड़ परियोजना पर भी एमओयू किया गया था। लम्बे समय से अटकी पड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गड़करी का आभार व्यक्त किया। आपको बता दें कि रेणुका परियोजना हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरी नदी पर बनाई जा रही परियोजना है। इस परियोजना से 40 मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। इसके साथ ही सिंचाई परियोजना भी रखी गई है।  इस परियोजना में 148 मीटर ऊंचा राॅक फिल बांध प्रस्तावित है। परियोजना की कुल लागत 4596.76 रुपये करोड़ है। इस परियोजना के जलाशय में 514.32 एम.सी.एम जल का संग्रहण किया जा सकेगा। 

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यहां बता दें कि इस परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, जिसके फलस्वरूप परियोजना के जल घटक का 90 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा एवं मात्र 10 फीसदी राज्य सरकार को देना होगा।  इस परियोजना का निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण हिमाचल प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा किया जाएगा। 

आपको बता दें कि रेणुका परियोजना के पूरा होने के बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली को समझौते के अनुसार निर्धारित मात्रा में जल प्राप्त होगा जिसमें से उत्तराखण्ड राज्य को 19.72 एम.सी.एम (कुल जल का 3.81 प्रतिशत) जल सिंचाई, घरेलू व औद्योगिक उपयोग हेतु प्राप्त होगा। इस परियोजना से संग्रहित जल बंटवारे के अतिरिक्त अन्य लाभ हिमाचल प्रदेश को होगा। उत्तराखण्ड राज्य द्वारा जल घटक के सापेक्ष कुल 16.50 करोड़ की शेयर धनराशि 2 किश्तों में देय होगा। 

परियोजना निर्माण के सन्दर्भ में सभी राज्यों से अनापत्ति प्राप्त होने के उपरान्त शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री, भारत सरकार के समक्ष हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण हेतु समझौता प्रपत्र हस्ताक्षरित किया गया। 

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