Wednesday, April 24, 2019

Breaking News

   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||

पेयजल योजना में हुआ 60 लाख रुपये का घोटाला, कागजों में 2015 में काम हुआ पूरा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पेयजल योजना में हुआ 60 लाख रुपये का घोटाला, कागजों में 2015 में काम हुआ पूरा

देहरादून। उत्तराखंड में एक के बाद एक घोटाले का खुलासा हो रहा है। अब लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने वाली ‘पेयजल स्कीम’ में भी घोटाला किया गया है। घनसाली के भिलंगना ब्लॉक में स्वैप के तहत निर्मित पेयजल योजना के नाम पर 60 लाख रुपये का भारी-भरकम खर्च दिखा दिया गया लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां कोई काम ही नहीं हुआ। मामले की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। बता दें कि साल 2011-12 में भिलंगना ब्लॉक के बूढ़ाकेदार के सुदूर मरवाड़ी गांव के लिए स्वैप योजना के तहत पेयजल योजना के निर्माण के लिए करीब 78 लाख रुपये का बजट पास किया गया था।

सीएम ने दिए जांच के आदेश

गौरतलब है पेयजल योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जल निगम की ओर से ग्रामीण पेयजल समिति के खाते में 60 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। बजट मिलने के बाद भी यहां मौके पर कोई काम नहीं हुआ। इसके बाद स्थानीय निवासी राज सिंह पंवार ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल में कर जांच की मांग की थी। सीएम के निर्देश पर डीएम ने एसडीएम घनसाली को मामले की जांच करने को कहा। 

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड की ‘बेटी’ को मिलेगा नारी शक्ति पुरस्कार, राष्ट्रपति भवन में होगा सम्मान


मौके पर नहीं मिला सामान

यहां बता दें कि कानूनगो अवतार सिंह बुटोला ने 4 मार्च को जल निगम अधिकारियों के साथ योजना का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में उन्हें मौके पर पानी पहुंचाने वाला कोई भी सामान नहीं मिला जबकि इस काम को कागजों पर 2015 में ही पूरा दिखाया जा चुका है। अब जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि इसमें कोई काम हुआ ही नहीं है। 

 

Todays Beets: