Monday, May 21, 2018

Breaking News

   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||   मायावती का पलटवार, कहा- सत्ता के अहंकार में जनता को मूर्ख समझ रही BJP; शाह के गुरू मोदी ने गिराया पार्टी का स्तर     ||   चीन के स्‍पर्म बैंक ने रखी अनोखी शर्त, सिर्फ कम्‍युनिस्‍टों का समर्थन करने वाले ही दान कर सकेंगे स्‍पर्म     ||   CBSE पेपर लीक: हिमाचल से टीचर समेत 3 गिरफ्तार, पूछताछ में हो सकता है अहम खुलासा     ||   बिहार: शराब और मुर्गे के साथ गश्त करने वाली पुलिस टीम निलंबित     ||

उत्तराखंड में अब नहीं होगी एएनएम की पढ़ाई, रोजगार के कम होते अवसर की वजह से लिया फैसला

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड में अब नहीं होगी एएनएम की पढ़ाई, रोजगार के कम होते अवसर की वजह से लिया फैसला

देहरादून। उत्तराखंड से एएनएम का कोर्स करने वालों के लिए बेहद निराशाजनक खबर है। प्रदेश के सरकारी और प्राईवेट दोनों नर्सिंग काॅलेजों में एएनएम की पढ़ाई अब बंद होने वाली है। इसके पहले चरण में ही नए नर्सिंग कॉलेजों को एएनएम कोर्स की मान्यता पर रोक लगा दी गई है। इसके बाद अब सभी सरकारी एएनएम सेंटरों में भी इस कोर्स को बंद किया जाएगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 

नौकरी के कम अवसर

गौरतलब है कि इस वक्त में राज्य में इस समय 6 सरकारी एएनएम सेंटर हैं जबकि 15 से अधिक प्राईवेट नर्सिंग कॉलेजों में भी यह कोर्स कराया जा रहा है। बता दें कि यहां से कोर्स करने वाले एएनएम प्रशिक्षितों को स्वास्थ्य विभाग के एएनएम सेंटर या फील्ड कर्मचारी के रूप में तैनाती दी जाती है लेकिन इस क्षेत्र में नौकरियों के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी कूदे राहुल विवाद प्रकरण में, कहा- गधे को किसी शैंपू या साबून से न...

एएनएम सेंटर में नर्सिंग कोर्स


आपको बता दें कि प्राईवेट अस्पतालों में भी अब एएनएम के लिए ज्यादा मौके नहीं हैं यही वजह है कि इस कोर्स को बंद करने का निर्णय लिया गया है। अब नए कॉलेजों को एएनएम कोर्स की मान्यता नहीं दी जा रही है। इसके बाद सरकारी एएनएम सेंटरों को भी बंद करते हुए उन्हें नर्सिंग कॉलेजों में तब्दील किया जाएगा। इन काॅलेजों में एएनएम की जगह पर जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग जैसे कोर्स संचालित किए जाएंगे।

निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत रोजगार 

नर्सिंग की पढ़ाई करने के बाद युवाओं को राज्य में अभी तक शत-प्रतिशत रोजगार मिल रहा है। नर्सिंग कोर्स करने के बाद 20 प्रतिशत रोजगार सरकारी सेक्टर और 80 प्रतिशत रोजगार प्राईवेट क्षेत्र में मिल रहा है। राज्य में नए मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट अस्पताल खुलने से इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने जा रहे हैं। इसीलिए सरकार एएनएम कोर्स को बंद कर जीएनएम और दूसरे बड़े कोर्स पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रही है।

 

Todays Beets: