Tuesday, February 19, 2019

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ड्रेस कोड को लेकर शिक्षा मंत्री शिक्षकों पर सख्त, कहा-जहां बिना ड्रेस कोड के होंगे शिक्षक, वहां नहीं जाऊंगा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
ड्रेस कोड को लेकर शिक्षा मंत्री शिक्षकों पर सख्त, कहा-जहां बिना ड्रेस कोड के होंगे शिक्षक, वहां नहीं जाऊंगा

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षकों और सरकार के बीच अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ड्रेस कोड पर सख्ती को लेकर शिक्षा मंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है। स्कूली शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि जिस कार्यक्रम में शिक्षक विभागीय ड्रेस कोड में नहीं होंगे, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे वहां नहीं जाएंगे। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि जिस भी कार्यक्रम में बिना ड्रेसकोड के दिखेंगे वहां से वे उसी समय लौट आएंगे। उनके इस बयान पर राजकीय शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है।

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षक 1 जुलाई से पूरी तरह से ड्रेसकोड में नजर आएंगे। यहां बता दें कि शिक्षक संघ इसके लिए तैयार भी हो गए हैं। सभी शिक्षक संघों ने अपने सदस्यों से एक जुलाई से ड्रेस पहनकर आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है।

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यहां बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने मंत्री के बयान को गलत बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने संगठन के पदाधिकारियों को विभाग के अधिकारियों के साथ बात करने के लिए बुलाया था लेकिन खुद वहां अकेले मौजूद थे। शिक्षक संघ ने कि वरिष्ठ-कनिष्ठ वेतन विसंगति, चयन वेतनमान, कोटिकरण सुधार समेत अन्य मुद्दों पर सरकार कुछ नहीं कर रही है और ड्रेस कोड को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ड्रेस कोड के लिए शिक्षकों को बाध्य नहीं करेगा।

सबसे पहले बीमारों के तबादले


शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि तबादलों का लाभ सबसे पहले बीमार शिक्षकों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक जो खुद बीमार हैं या जिनके करीबी परिजन बीमार हैं, उन्हें तबादलों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा अन्य गंभीर परेशानियों के मामलों में शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटी

राज्य के अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटा ली गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के अनुसार इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आने के बाद करीब एक वर्ष पहले नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। 

विशिष्ठ बीटीसी के साथ सरकार

अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश के हजारों विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के डीएलएड मामले में सरकार उनके साथ है। किसी भी कीमत पर उनकी सेवाएं समाप्त नहीं होने दी जाएंगी। जल्द ही इस संबंध में वार्ता कर रास्ता निकाला जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले डीएलएड/ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है ऐसा नहीं करने वाले अप्रशिक्षित शिक्षक उसके बाद पढ़ा नहीं सकेंगे। 

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