Sunday, February 17, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

दून के बाल आश्रमों पर पड़ा छापा, बेहद ही बदतर स्थिति में रह रहे बच्चे, एनओसी निरस्त करने के आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दून के बाल आश्रमों पर पड़ा छापा, बेहद ही बदतर स्थिति में रह रहे बच्चे, एनओसी निरस्त करने के आदेश

देहरादून। देहरादून स्थित बाल आश्रमों की खस्ताहालत और बच्चों की खराब स्थिति की शिकायत पर बालआयोग की टीम ने 2 बाल आश्रमों पर छापा मारा है। छापे के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि बच्चों को तबेले में रखा गया है और वहां कपड़ों की दीवार बना दी गई है। बच्चों की हालत देखकर बाल आयोग की अध्यक्ष गुस्से से लाल हो गईं और जिलाधिकारी को तत्काल दोनों आश्रमों की एनओसी निरस्त करने के साथ ही एसडीएम को जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने के आदेश दिए हैं। 

गौरतलब है कि बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने अपनी टीम के साथ शिमला बाईपास स्थित हरिओम आश्रम और शिवओम आश्रम में छापा मारा तो यहां की अव्यवस्थाएं और बच्चों की दयनीय हालत सामने आई। छापेमारी के दौरान पता चला कि आश्रम में 22 लड़कियां और 17 लड़के रह रहे हैं। लड़के और लड़कियों के कमरे के बीच कोई भी दरवाजा नहीं है। 

ये भी पढ़ें - खूबसूरत ‘मासरताल’ बन सकता है पर्यटन का नया मुकाम, 2 अलग रंगों का ताल बना कौतूहल का विषय


आपको बता दें कि बच्चों की दयनीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शौचालय में 3 सीट लगाई गई है। बाल आश्रम की चारदीवारी के नाम पर सिर्फ चुनरी और धोती टांग दी गई है। कड़वापानी स्थित आश्रम में 10 साल तक की बालक-बालिकाओं को रखा गया है जबकि इससे बड़ी 14 बालिकाओं को शिवओम आश्रम गुरुकुल छात्रावास शिवराज नगर बरवाला में रखा गया है। बच्चों के आवास के सामने गौशाला बना दिया गया है। आश्रम प्रबंधक अनुपम आनंद गिरि और स्वामी अमित आनंद गिरि को व्यवस्था सुधारने को कहा गया तो बाल आयोग की अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार एवं अभद्रता करने लगे। अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बचपन बचाओ आंदोलन को आश्रम संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारी को दोनों आश्रमों की एनओसी को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। 

 

Todays Beets: