Thursday, November 23, 2017

Breaking News

   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||   अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं करेगा चीन, प्रस्ताव पर रोक लगाने के संकेत     ||   दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाकर चीन अब ब्रह्मपुुत्र नदी का पानी रोकने का बना रहा है प्लान     ||   पीएम मोदी को शीला दीक्षित ने दिया जवाब- हमने नहीं भुलाया पटेल का योगदान    ||   पटना पहुंचे मोहन भागवत, यज्ञ में भाग लेने जाएंगे आरा, नीतीश भी जाएंगे    ||   अखिलेश को आया चाचा शिवपाल का फोन, कहा- आप अध्यक्ष हैं आपको बधाई    ||   अमेरिका में सभी श्रेणियों में H-1B वीजा के लिए आवश्यक कार्रवाई बहाल    ||   रोहिंग्या पर किया वीडियो पोस्ट, म्यांमार की ब्यूटी क्वीन का ताज छिना    ||   अब गेस्ट टीचरों को लेकर CM केजरीवाल और LG में ठनी    ||   केरल में अमित शाह के बाद योगी की पदयात्रा, राजनीतिक हत्याओं पर लेफ्ट को घेरने की रणनीति    ||

देहरादून से ऋषिपर्णा रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान का शुभारम्भ

अंग्वाल न्यूज डेस्क
देहरादून से ऋषिपर्णा रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान का शुभारम्भ

देहरादून । मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को शिखर फाॅल (राजपुर), देहरादून से ऋषिपर्णा रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए शपथ भी दिलायी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने देहरादून में ऋषिपर्णा नदी और अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण का संकल्प लिया है। इसका आज से अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने नदियों के पुनर्जीवीकरण में आमजन की भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। 

सीएम रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को एक अभियान बना दिया है। राज्य सरकार ने भी संकल्प लिया है कि प्रदेश की नदियों का पुनर्जीवीकरण किया जाए। यूसर्क के वैज्ञानिक दुर्गेश पंत एवं ईको टास्क फोर्स के कर्नल आर.एच.एस. राणा के सहयोग से जूनियर ईको टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जिसमें विद्यार्थियों और युवाओं-युवतियों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिपर्णा नदी की आठ स्रोतों को चिन्हित कर अभियान में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि देहरादून की जनसंख्या दोगुनी हो गयी है, परन्तु पानी का डिस्चार्ज आधा रह गया है। पूरे विश्व के वैज्ञानिक पानी के लिए चिन्तित हैं। उनकी आशंका है कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। जल पुरूष राजेन्द्र सिंह ने 11 नदियों को पुनर्जीवित किया है, जिसमें सरकार से कोई मदद नहीं ली गयी। ग्रामीण लोगों का विज्ञान इसमें जोड़ा गया है। इसी प्रकार हम सभी की सहभागिता इसमें चाहिए, हर किसी को यह लगना चाहिए कि ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवीकरण ही मेरा सपना है, तभी इस नदी का पुनर्जीवीकरण हो सकेगा।

जल पुरूष राजेन्द्र सिंह ने उत्तराखण्ड सरकार और जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने राज, समाज और संतों को एक साथ संकल्प दिलाया है। नदियों का पुनर्जीवीकरण संस्कृति, प्रकृति, प्यार एवं सम्मान के साथ करना होगा। हमें संकल्प लेना होगा कि उत्तराखण्ड की नदियों का पुनर्जीवीकरण हम उत्तराखण्ड के लोग मिलकर करेंगे। 


वहीं मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि विश्व की जितनी भी मानव सभ्यताएं पनपी हैं, उन सभी का नदियों के साथ गहरा सम्बन्ध रहा है। नदियों को बचाना कोई सरकारी योजना नहीं है, यह जनसामान्य की योजना है। राज्य की 17वीं वर्षगाँठ मनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए शुरूवात में 2 नदियाँ चुनी गयी हैं

बता दें कि  देहरादून में ऋषिपर्णा (रिस्पना) और अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत एफ.आर.आई., एन.एच.आई., ईको टास्क फोर्स और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं का मार्गदर्शन लेकर नदी को इसकी पूर्व स्थिति में लाया जाएगा। ऋषिपर्णा नदी पास के सौंग डेम से भी इसमें पानी लाने का प्रयास किया जाएगा। नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए सोमवार को अभियान शुरू किया गया। जिसके तहत अल्मोड़ा में भी अभियान की शुरूवात की गयी, जिसके तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। नदियों के किनारे वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में आमजन को नदी को पुनर्जीवित करने की शपथ भी दिलाई गयी, साथ ही नदी के किनारे सफाई अभियान चलाया गया। 

Todays Beets: