Wednesday, January 23, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

चमोली के धन सिंह घरिया बने शिक्षकों के लिए मिसाल, अब तक 150 छात्रों की पढ़ाई का उठाया खर्च 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
चमोली के धन सिंह घरिया बने शिक्षकों के लिए मिसाल, अब तक 150 छात्रों की पढ़ाई का उठाया खर्च 

देहरादून। हर माता-पिता की चाहत होती है कि उसका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे लेकिन कई बार वे ऐसी स्थिति में नहीं होते हैं कि उनकी पढ़ाई का खर्च भी उठा सकें। ऐसे बच्चों के लिए चमोली जिले के शिक्षक धन सिंह घरिया किसी देवदूत से कम नहीं हैं। 2005 से रुद्रप्रयाग के प्राथमिक स्कूल किमाणा में नियुक्त धन सिंह घरिया अब तक करीब 150 बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठा चुके हैं। यहां तक की वे अपने वेतन को भी इन छात्रों की पढाई पर ही खर्च करते हैं। धन सिंह घरिया आज सभी स्कूलों में मोटी सैलरी लेने वाले शिक्षकों के लिए एक मिसाल बने हुए हैं। 

गौरतलब है कि साल 2005 से ही रुद्रप्रयाग के दुर्गम इलाके के स्कूल में तैनात धन सिंह घरिया ने बच्चों की मदद करने के साथ ही जीआईसी गोदली (पोखरी) के परिसर में ही एक मिश्रित वन तैयार किया है। इस वन में करीब 100 से ज्यादा प्रजाति के पौधे हैं।  बता दें कि शिक्षक धन सिंह घरिया गोपेश्वर के समीप सेंटुणा गांव में भोटिया जनजाति परिवार के हैं और पिछले 11 सालों से इसी स्कूल में राजनीतिक विज्ञान के प्रवक्ता पद पर तैनात हैं। 


ये भी पढ़ें - दून के दिनेश कुमार मलेशिया में दिखाएंगे अपने खेल का हुनर, मास्टर्स बास्केटबाॅल टीम में हुआ चयन

यहां बता दें कि अपनी 13 साल की सेवा में उन्होंने अब तक करीब 150 बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठा चुके हैं और अपने वेतन को भी स्कूल के गरीब छात्रों पर ही खर्च करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धन सिंह घरिया ने केदारनाथ हादसे में अपने माता-पिता को खो चुकी 7वीं कक्षा की छात्रा अंजलि की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाया और वह आज 12वीं कक्षा की छात्रा बन गई है। चमोली जिले के इस शिक्षक का कहना है कि गरीब छात्रों की मदद करने से उन्हंे काफी सुकून मिलता है। स्थानीय लोगों के साथ शिक्षक भी धन सिंह घरिया के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।  

Todays Beets: