Thursday, September 21, 2017

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शिक्षिका को डांटने का विरोध करने वाले शिक्षकों को मंत्री की दो टूक, कहा-दलालों के हवाले विभाग को नहीं छोड़ सकता

अंग्वाल न्यूज डेस्क
शिक्षिका को डांटने का विरोध करने वाले शिक्षकों को मंत्री की दो टूक, कहा-दलालों के हवाले विभाग को नहीं छोड़ सकता

देहरादून। जीआईसी थानो की शिक्षिका को स्कूली बच्चों के सामने डांटने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिक्षा मंत्री के व्हवहार के प्रति राजकीय शिक्षक संघ के बाद अब जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बाहों पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। उत्तरकाशी समेत कुछ और जिलों से भी शिक्षकों के काली पट्टी बांधकर स्कूल आने की खबर आई है। दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री ने साफ कह दिया है कि माफी मांगने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

सांकेतिक धरना

गौरतलब है कि गल्र्स इंटर काॅलेज (जीआईसी) थानो में निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक शिक्षिका को कुंजी से पढ़ाने पर बच्चों के सामने फटकार लगाई थी। इससे नाराज होकर शिक्षक संघों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। शिक्षकों के चारों संगठनों के पदाधिकारियों ने सीईओ कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया था। इसके बाद शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर इस मामले का विरोध भी किया। 

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विरोध में शिक्षक संघ 


आपको बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के सम्मान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। इस बात को लेकर शिक्षकों का विरेाध जारी रहेगा। वहीं संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित ने कहा कि शिक्षा मंत्री और अफसरों को यदि कोई बात कहनी ही हैं तो वो स्टॉफ रूम में भी बता सकते हैं। छात्रों के सामने अपमान करना किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की प्रांतीय उपाध्यक्ष कल्पना बिष्ट ने भी कहा कि शिक्षकों का साथ डांट-फटकार का रवैया कतई स्वीकार नहीं होगा। दूसरी तरफ, स्कूलों में औचक निरीक्षण को लेकर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे अपने स्टैंड पर कायम हैं।

माफी का सवाल ही नहीं

यहां बता दें कि शिक्षकों के इस रवैये को देखते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कुछ शिक्षकों के आंदोलन करने भर से सरकार अपना बढ़ा हुआ कदम पीछे नहीं खींच सकती। गाइड कुंजियों पर प्रतिबंध है और शिक्षक उन्हीं से पढ़ा रहे हैं यह कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है। हालांकि शिक्षिका को डांटने के विवाद पर उन्होंने कहा कि वैसे तो उन्हें इस मुद्दे पर जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है और माफी मांगने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने कहा कि कुछ दलाल टाइप लोगों के हवाले विभाग को नहीं छोड़ा जा सकता है। विभाग का मुखिया होने के नाते मैं शिक्षकों का बड़ा भाई भी हूं। जिस प्रकार एक बड़ा भाई गलती होने पर छोटे भाई को डांटता है, वही मैने भी किया है। जीआईसी थानों की शिक्षिका मेरी छोटी बहन है और एक भाई के नाते ही मैंने उससे अपनी नाराजगी जताई थी।

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