Wednesday, June 20, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

शिक्षकों को एनओसी देने में घपला करने वाले कर्मचारियों पर गिरी गाज, पद से हटाने के साथ हुआ डिमोशन 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
शिक्षकों को एनओसी देने में घपला करने वाले कर्मचारियों पर गिरी गाज, पद से हटाने के साथ हुआ डिमोशन 

देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को रोकने की सरकार की कोशिशों को विभाग के कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। यहां से उत्तरप्रदेश जाने के इच्छुक शिक्षकों को उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश दोनों राज्यों की सरकारों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेना था लेकिन इनकी फाइल जब बाबुओं के पास पहुंची तो इनसे पैसे वसूले गए। मामला संज्ञान में आते ही शिक्षा मंत्री ने दोषी कर्मचारियों को न सिर्फ हटाया बल्कि उनका डिमोशन भी कर दिया। फिलहाल इन शिक्षकों की फाइल मंत्री ने अपने पास ही रखी है।

कर्मचारियों का हुआ डिमोशन

गौरतलब है कि राज्य में ऐसे सैंकड़ों शिक्षक कार्यरत हैं जो उत्तरप्रदेश के हैं और राज्य के बंटवारे के बाद ये शिक्षक उत्तराखंड में आ गए। शिक्षा मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विभाग में कई ऐसे शिक्षक हैं जो अपने घर यानी की उत्तरप्रदेश वापस जाना चाहते हैं। ऐसे शिक्षकों को  दोनों राज्यों से एनओसी लेनी पड़ती है। इस एनओसी को लेने के लिए उत्तराखंड के कुछ अधिकारियों ने गलत तरीके से काम किया। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों को अधिकारियों से पैसा वापस लेने तक शिक्षक व कर्मचारियों को रिलीव करने वाली फाइल को अपने पास ही रोक लिया है। यहां बता दें कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि शिक्षकों को रिलिव करने से जुड़ी फाइल जग उनके पास पहुंची तब इस बात का खुलासा हुआ। मंत्री ने शिक्षकों के पैसे वापस लौटाने तक यह फाइल अपने रख ली है। हालांकि उन्होंने इसकी संस्तुति कर दी है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में लिप्त अधिकारी व कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें उस जगह से हटाते हुए उनका डिमोशन भी कर दिया।

ये भी पढ़ें - वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण, जंगलों की हरियाली कागजों तक सिमटी  

एप के जरिए मिलेगी छुट्टी 


अब शिक्षकों को अपनी  छुट्टियों  के लिए दफ्तरों का चक्कर नहीं काटना पडेगा। शिक्षा विभाग ने उज्ज्वल सेवा मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है। शिक्षकों को अपनी छुट्टी के लिए इसी एप पर आवेदन करेंगे और उन्हें इसी के जरिए मंजूरी भी मिल जाएगी। स्कूली शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि शिक्षकों को छुट्टी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। उनकी परेशानी को कम करने के लिए अब विभाग की तरफ से यह कदम उठाए गए हैं। अगले महीने 1 अगस्त को इस एप का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया जाएगा। 

एनसीईआरटी की किताबें होंगी लागू

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में जल्द ही एनसीईआरटी की किताबें लागू कर दी जाएंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री की तरफ से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। आपको बता दें कि एनसीईआरटी आने वाले अक्टूबर महीने से नए कोर्स की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में राज्य के सभी स्कूलों में इसे लागू कर दिया जाएगा। इससे सीबीएसई बोर्ड व सरकारी स्कूल में पढने वाले बच्चों के बस्ते की कीमत भी सस्ती होगी। उन्होंने कहा कि अब आइसीएससी बोर्ड से भी पुस्तकों को लागू करने की बात चल रही है।  

 

Todays Beets: