Thursday, January 17, 2019

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हरिद्वार के जसवीर बने युवाओं के लिए मिसाल, किसानी के साथ तराश रहे खिलाड़ी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हरिद्वार के जसवीर बने युवाओं के लिए मिसाल, किसानी के साथ तराश रहे खिलाड़ी

देहरादून। उत्तराखंड की धरती ने कई ऐसे सपूत पैदा किए हैं जिन्होंने अपने बारे में सोचने के बजाय दूसरों की भलाई पर ज्यादा ध्यान दिया है। कर्नल अजय कोठियाल के नाम तो आप सबने सुना होगा जिन्होंने अपनी तरफ से प्रदेश के नौजवानों को सेना में भर्ती की तैयारी करवाई है। अब हरिद्वार के एक 36 वर्षीय किसान जसवीर का नाम भी जुड़ गया है। जसवीर पेशे से किसान हैं और वे खेती करने के साथ ही खिलाड़ियों को कोचिंग भी देते हैं। बताया जा रहा है कि देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में उनके चेलों ने स्वर्ण पदक भी जीता है। इनके द्वारा सिखाए गए 8 से ज्यादा छात्र सेना और 10 प्रदेश की पुलिस में भर्ती हो चुके हैं। 

गौरतलब है कि हरिद्वार के मुंडलाना गांव के रहने वाले जसवीर ने किसानी के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों के हुनर को तराशने का भी जिम्मा लिया है। जसवीर  हर शाम गांव के खिलाड़ियों की प्रतिभा को तरासने के लिए अपने खेत में बनाए गए मैदान में लगभग 3 घंटे का समय देते हैं। बताया जा रहा है कि जसवीर अब तक करीब 2 दर्जन खिलाड़ियों को एथलेटिक्स के दांवपेंच सिखा चुके हैं। 

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यहां बता दें कि जसवीर सिर्फ खिलाड़ी ही तैयार नहीं करते बल्कि ऐसे नौजवान भी तैयार कर रहे हैं जो देश और प्रदेश की रक्षा में अपना योगदान दे सके। जसवीर के यहां से सीखकर निकले 10 छात्रों को उत्तराखंड पुलिस में नौकरी मिल चुकी है वहीं 8 भारतीय सेना में भर्ती हो चुके हैं। पत्रकारों से बात में पता चला कि जसवीर भी एथलेटिक्स खिलाड़ी रह चुके हैं और मंडल स्तर पर कई पदक भी जीते हैं। पैसों के अभाव की वजह से वे आगे नहीं जा पाए। ऐसे में अब वे नौजवानों को प्रशिक्षण देकर अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं। बड़ी बात यह है कि जसवीर बिना किसी लोभ और लालच के छात्रों को मुफ्त में प्रशिक्षण देते हैं। दून में आयोजित हुए खेल महाकुंभ में अंडर-19 के बालक वर्ग में लंबी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले रितेश गोस्वामी ने कहा कि जसवीर के पास प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में 24 स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और उनका लक्ष्य 2024 में होने वाले ओलंपिक में पदक जीतने का है।

 

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