Friday, September 22, 2017

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राज्य में शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक, बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के बाद मंत्री ने दिए आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राज्य में शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक, बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के बाद मंत्री ने दिए आदेश

देहरादून। अपने तबादले को रुकवाने के लिए बीमारी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने तबादला प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इस बार शिक्षा विभाग में तबादला सत्र शून्य रखने का निर्णय लिया गया है। अब नई प्रक्रिया बनाने के बाद ही शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि फिलहाल बीमार एवं विकलांग जरूरतमंद शिक्षकों के सघन परीक्षण के बाद ही उनके तबादलों पर विचार किया जाएगा। 

प्रमाण पत्रों की होगी जांच

गौरतलब है कि राज्य में इस बार शिक्षकों के तबादले आॅनलाइन प्रक्रिया से करवाई जा रही थी। ऐसे में गंभीर बीमारी का हवाला देकर तबादला रुकवाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने तत्काल प्रभाव से प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश दे दिए। अब सिर्फ उन्हीं लोगों के तबादलों पर विचार किया जाएगा जो सही में जरूरमतंद होंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि शिक्षा महानिदेशालय में गठित शिकायत प्रकोष्ठ को शिक्षकों के चिकित्सा प्रमाण पत्रों को लेकर गंभीर शिकायतें मिली हैं। इस वजह से तबादला प्रक्रिया को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार तबादला कर दिए जाते तो जरूरतमंदों के साथ काफी अन्याय हो जाता। ऐसे में प्रमाण पत्रों की जांच कराए बिना तबादले न करने का निर्णय लिया गया है। ये भी पढ़ें - उत्तराखंड मेें बादल फटने से बढ़ी आफत, अल्मोडा में गांव मल्‍ला गजार के लोग बने 'बंधक', प्रशासन...

बार-बार फैसले बदल रहा विभाग


आपको बता दें कि सरकार ने 10 जुलाई से शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन की इजाजत दी थी। इसके बाद हजारों शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन दिए थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले सत्र के पहले सभी का तबादला कर दिया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि जो सही तरीके से चल फिर सकते हैं उन्होंने भी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन कर दिया। इस तरह के मामले सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने तबादला प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी। 

नए सिरे से होगा तबादला

यह भी देखने में आया है कि जो व्यक्ति 20 वर्षों से अधिक समय से अति दुर्गम में तैनात है और अब वह क्षेत्र इस श्रेणी से ही हट गया है, ऐसे में उसके तबादले में मुश्किलें आ सकती हैं। इसे देखते हुए अब सभी व्यवस्थाओं को नए सिरे से सुधारा जाएगा। इसके लिए विभाग के योग्य अधिकारियों का सहयोग व सुझाव लेने के लिए एक टीम बनाई जा रही है।

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