Saturday, October 20, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

साल 2015 में ऊर्जा निगम में हुई भर्ती परीक्षा को सरकार ने किया निरस्त, जांच में मिली गड़बड़ी के बाद दिए आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
साल 2015 में ऊर्जा निगम में हुई भर्ती परीक्षा को सरकार ने किया निरस्त, जांच में मिली गड़बड़ी के बाद दिए आदेश

देहरादून। राज्य सरकार ने ऊर्जा निगम में साल 2015 में हुई भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने के बाद ऊर्जा सचिव की ओर से नए सिरे से भर्ती परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए। बता दें कि साल 2015 में ऊर्जा निगम में लेखाधिकारी, विधि अधिकारी और सहायक अभियंता विद्युत एवं यांत्रिक के खाली पदों पर भर्ती परीक्षा कराने का जिम्मा गाजियाबाद की एबीसी असेसमेंट कंपनी को दिया गया था लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद अनियमिताओं की खबर आई थी। 

जांच में पता चली गड़बड़ी

गौरतलब है कि ऊर्जा निगम की परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायत आने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए और अपर सचिव ऊर्जा को जांच अधिकारी बनाया गया। उनकी जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

ये भी पढ़ें - LIVE - गुजरात चुनाव - दोपहर 12 बजे तक 23 फीसदी मतदान, पीएम मोदी ने राणिप बूथ पर लाइन में लगकर...


परीक्षा निरस्त करने के आदेश

आपको बता दें कि लंबे समय से शासन में अपर सचिव की जांच रिपोर्ट भी डंप रही और इस परीक्षा भर्ती के परिणाम जारी नहीं किए जा रहे थे और न ही परीक्षा को निरस्त ही किया जा रहा था। ऐसे में  बेरोजगार युवाओं का दबाव लगातार सरकार पर बढ़ रहा था। ऐसा माना जा रहा कि त्रिवेंद्र रावत सरकार की ओर से भर्ती परीक्षा को निरस्त किए जाने के आदेश किए गए। सचिव ऊर्जा की ओर से यह आदेश जारी हुए। ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक को भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी करने को भी कहा गया है।

Todays Beets: