Monday, September 24, 2018

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जल्द ही तबादला विवाद को सुलझाएगी प्रदेश सरकार, विभागों से मांगे सुझाव

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जल्द ही तबादला विवाद को सुलझाएगी प्रदेश सरकार, विभागों से मांगे सुझाव

देहरादून। उत्तराखंड में तबादला एक्ट लागू होने के बाद से विवाद शुरू हो गया था। तबादले पर लगातार बढ़ रहे विवाद के बीच सरकार ने अब वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 में संशोधन करने का फैसला लिया है। राज्य के कई विभागों में अधिनियम की धाराओं को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कार्मिक विभाग ने अब सभी विभागों से 15 दिनों के अंदर सुझाव मांगे हैं ताकि एक साथ ही संशोधन किए जा सकें। अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी की ओर से सभी मुख्य सचिवों, अपर सचिवांे के अलावा जिलाधिकारियों को इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। 

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि जनवरी 2018 में तबादला अधिनियम लागू किया है और तब से ही विभागों द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं को लेकर कार्मिक विभाग से स्पष्टीकरण मांगे जाते रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को 15 दिनों का समय देते हुए कहा कि वे अपने सुझाव दें ताकि अधिनियम में संशोधन किया जा सके। 

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बता दें कि तबादला एक्ट लागू होने के बाद से इस पर विवाद शुरू हो गया था। लोक निर्माण विभाग में तबादले को लेकर अधिशासी अभियंता और सहायक जूनियर इंजीनियरों का आंदोलन काफी लंबा चला। कर्मचारी संगठन भी विभागीय स्तर पर एक्ट के उल्लंघन की शिकायतें कर रहे हैं। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग छूट की मांग कर रहे हैं। 


गौर करने वाली बात है कि डॉक्टरों के तबादलों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं आबकारी विभाग तबादलों को लेकर अलग नीति बना रहा है, सुगम और दुर्गम के अलग-अलग निर्धारण को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत कुछ विभागों के कर्मचारी तो तबादलों के विरोध में अदालत तक जा पहुंचे हैं। इस तबादला अधिनियम में संशोधन की बात पर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस मसले पर उनकी भी राय ली जानी चाहिए। 

 

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