Thursday, April 26, 2018

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अब एनएचएम के तहत कार्यरत महिलाओं को सेवा विस्तार के लिए नहीं देना होगा प्रेग्नेंसी टेस्ट, स्वास्थ्य विभाग ने आदेश को किया रद्द 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब एनएचएम के तहत कार्यरत महिलाओं को सेवा विस्तार के लिए नहीं देना होगा प्रेग्नेंसी टेस्ट, स्वास्थ्य विभाग ने आदेश को किया रद्द 

देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाली महिला कर्मचारियों को संविदा विस्तार से पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट का सामना नहीं करना पड़ेगा। सीएमओ पिथौरागढ़ ने अपना प्रेग्नेंसी टेस्ट का आदेश रद्द कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इस मामले में साफ किया है कि संविदा विस्तार के लिए प्रेग्नेंसी जांच का कोई नियम नहीं है। बता दें कि पिथौरागढ़ की सीएमओ की तरफ से इसके आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश के बाद इसे महिलाओं का अपमान बताया गया था। 

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बात को साफ कर दिया है कि सेवा विस्तार के लिए इस तरह का कोई नियम नहीं है और सीएमओ द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि गर्भवती होने की वजह से सेवा विस्तार या नियुक्ति को रोका नहीं जा सकता है। 

यहां बता दें कि पिथौरागढ़ की सीएमओ की तरफ से दिए गए इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी बैठक बुलाई गई जिसमें यह फैसला लिया गया कि इस आदेश को रद्द किया जाए। इससे पहले विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी सरकारी नीतियों को लागू कर फिर उसे रोलबैक करने पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल से भाजपा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी।

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एनएचएम के एमडी युगल किशोर पंत ने बताया कि सीएमओ की ओर से किए गए संविदा विस्तार के आदेश को रद्द करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एनएचएम में प्रेग्नेंसी के आधार पर संविदा विस्तार नहीं रोका जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेग्नेंसी की वजह से किसी नई नियुक्ति भी नहीं रोकी जा सकती। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ऐसा कोई काम नहीं है जो गर्भवती महिला नहीं कर सकती।

 

 

 

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