Sunday, September 23, 2018

Breaking News

   ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम के ठिकानों पर आयकर के छापे     ||   बिहार: पूर्व मंत्री मदन मोहन झा बनाए गए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष। सांसद अखिलेश सिंह बनाए गए अभियान समिति के अध्यक्ष। कौकब कादिरी समेत चार बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष।     ||   कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया    ||   सीतापुर में श्रद्धालुओें से भरी बस खाई में पलटी 26 घायल, 5 की हालत गंभीर     ||   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||

हड़ताली कर्मचारियों पर हाईकोर्ट हुआ और सख्त, हड़ताल को गैर कानूनी एवं कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द करने के दिए आदेश 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हड़ताली कर्मचारियों पर हाईकोर्ट हुआ और सख्त, हड़ताल को गैर कानूनी एवं कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द करने के दिए आदेश 

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट प्रदेश के हड़ताल कर्मचारियों पर अब और सख्त हो गया है। शुक्रवार को कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा कि इनकी हड़ताल को गैरकानूनी घोषित की जाए और कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द कर संगठनों पर जुर्माना लगाया जाए। कर्मचारियों की हड़ताल से आम लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश मनोज तिवारी की खंडपीठ ने कहा कि हड़ताली कर्मचारी वेतन के हकदार नहीं हैं।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा कि हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर काम नहीं तो वेतन नहीं के नियम का पालन किया जाना चाहिए। यहां बता दें कि गुरुवार को कोर्ट ने हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के निर्देश दिए थे। गौर करने वाली बात है कि प्रदेश के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 2 दिनों से हड़ताल कर रहे हैं। हालांकि खंडपीठ ने सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के भी निर्देश दिए हैं। 

ये भी पढ़ें - भूकंप की अफवाह फैलाने वालों की अब खैर नहीं, पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई


यहां आपको बता दें कि कोर्ट ने प्रदेश सरकार को सचिव की अध्यक्षता में 8 सप्ताह के अंदर एक कमेटी बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इस कमेटी में विभागों के प्रमुख और कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों को भी शामिल करने को कहा है। नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से कहा गया है कि हर 3 महीने में एक बार कमेटी की बैठक होनी चाहिए।    

हाईकोर्ट ने हड़ताल करने वालों पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में डाॅक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ भी हड़ताल कर रहे हैं जिन पर लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी होती है। शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा जाती है। 

Todays Beets: