Tuesday, September 19, 2017

Breaking News

   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||   पंचकूला से लंदन तक दिखा राम-रहीम विवाद का असर, ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी    ||   PAK कोर्ट ने हिंदू लड़की को मुस्लिम पति के साथ रहने की मंजूरी दी    ||   बिहार आए पीएम मोदी, बाढ़ से हुई तबाही की गहन समीक्षा की    ||   जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सुनाई जाएगी सजा    ||   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||

हाईकोर्ट ने सरकार को दिया बड़ा झटका, शिक्षा विभाग में बैकलाॅग को दो महीने में भरने के दिए आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हाईकोर्ट ने सरकार को दिया बड़ा झटका, शिक्षा विभाग में बैकलाॅग को दो महीने में भरने के दिए आदेश

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सरकार को प्राथमिक सहायक अध्यापक के खाली पड़े पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने और बैकलाॅग को दो महीने के अंदर भरने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इस बात को साफ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार रिक्त पदों पर कार्यरत शिक्षा आचार्य व शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए दो अवसर मिलेंगे। कोर्ट ने इस संबंध में सरकार और अन्य द्वारा दायर विशेष अपीलों को निस्तारित कर दिया।

खाली पदों को भरने के निर्देश

आपको बता दें कि बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर कहा था कि योग्य होने के बाद भी खाली पड़े पदों पर उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। सरकार ने उन्हें नियुक्ति देने के बजाय शिक्षामित्र एवं शिक्षा आचार्यों को रिक्त पदों पर नियुक्ति दे दी। इस मामले की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने शिक्षा आचार्य एवं शिक्षा मित्र के पदों को रिक्त मानते हुए नियुक्ति के आदेश पारित किए थे। 

ये भी पढ़ें - अभद्रता मामले में शिक्षिका का समर्थन करने वाले शिक्षकों से मंत्री ने कहा-काली पट्टी बांधो या ...


विशेष अपील हुई खारिज

गौरतलब है कि एकलपीठ के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार, मनोज कुमार समेत अन्य ने विशेष अपील दायर की। इसके बाद न्यायाधीश न्यायामूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार द्वारा दायर विशेष अपील को निस्तारित करते हुए एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा और एकलपीठ के बैकलॉग के पदों को भरने के आदेश को सही ठहराया। खंडपीठ ने दो महीने के अंदर बैकलॉग के खाली पदों को भरने का आदेश पारित किए। याचिकाकर्ता के वकील विनय कुमार ने कहा कि राज्य में एसटी के 200 से अधिक जबकि एससी के करीब 1000 पद बैकलॉग से भरे जाने हैं। यहां उल्लेखनीय है सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। 

Todays Beets: