Saturday, February 16, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

सरकारी लापरवाही पर हाईकोर्ट नाराज, कहा- क्यों न सारे बाघों और हाथियों को गुजरात के नेशनल पार्क में शिफ्ट कर दिया जाए

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सरकारी लापरवाही पर हाईकोर्ट नाराज, कहा- क्यों न सारे बाघों और हाथियों को गुजरात के नेशनल पार्क में शिफ्ट कर दिया जाए

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने जिम काॅर्बेट और राजाजी पार्क की लचर व्यवस्था पर अधिकारियों के गलत जवाब पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि क्यों न सारे बाघों और हाथियों को गुजरात के नेशनल पार्क में शिफ्ट कर दिया जाए। यहां बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार की तरफ से जवाब पेश तो किया गया लेकिन दस्तावेज के संलग्न न होने को अदालत ने लापरवाही मानते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोक पाल सिंह की पीठ ने कहा कि सरकार पहले पारित किए गए कोर्ट के आदेश को तोड़मरोड़ कर अदालत को गुमराह कर रही है। 

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव के द्वारा 6 अगस्त को पेश किए गए जवाब पर नाराजगी जताते हुए 9 अगस्त को दोबारा से शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए थे। उस समय अपर मुख्य सचिव पार्क से अतिक्रमण हटाने और टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स गठित करने की समय सीमा नहीं बता पाए थे। इसे लेकर कोर्ट ने उनसे कई सवाल पूछे थे। 

ये भी पढ़ें - फिर से शुरू होंगे साहसिक खेल, बनी नई नियमावली, लोगों को मिलेगा रोजगार

यहां बता दें कि कोर्ट ने जिम काॅर्बेट पार्क के हर जोन में 20 गाड़ियों को ही अंदर जाने देने के निर्देश दिए थे जबकि मुख्य अपर सचिव ने अपने शपथ पत्र में 100 गाड़ियों प्रवेश की जानकारी दी है। शपथ पत्र में पार्क से संबंधित रिकार्ड संलग्न होने की जानकारी दी गई जबकि वह संलग्न नहीं था। कोर्ट ने इसे सरकारी लापरवाही मानते हुए वन्य जीव प्रतिपालक और सरकारी अधिकारी से जवाब मांगा है। 


गौर करने वाली बात है कि कोर्ट ने पूछा कि जिम काॅर्बेट में चलने वाले रिजाॅर्ट किस अधिनियम के तहत चलाए जा रहे हैं? स्पेशल टाइगर फोर्स काम क्यों नहीं कर रही है? पार्क के करीब रहने वाले गुर्जरांे को कब तक शिफ्ट किया जाएगा?

 

Todays Beets: