Sunday, February 24, 2019

Breaking News

   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||   PAK सेना के ISPR के डीजी ने कहा- हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे, भारत धमकी दे रहा है     ||   ICC को खत लिखेगी BCCI- आतंक समर्थक देश के साथ खत्म हो क्रिकेट संबंध     ||   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||

अब उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किया कार्य बहिष्कार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किया कार्य बहिष्कार

नैनीताल।  सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिलने पर डीएसबी परिसर के प्राध्यापकों ने भी मोर्चा खोल दिया है। उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय, महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर परिसर के प्राध्यापकों ने एक दिवसीय कार्यबहिष्कार कर दिया। शिक्षक संघ का कहना है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों और दूसरे राज्यों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ मिल चुका है लेकिन उन्हें अभी तक इसका फायदा नहीं मिला है। संघ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा वित्तमंत्री के संज्ञान में मामले को लाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

गौरतलब है कि प्राध्यापकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन की आगामी रणनीति तय करने को लेकर अन्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ बैठक की जाएगी। शिक्षक संघ ने उच्च शिक्षा में 10 साल पूरे कर चुके शिक्षकों को हायर एकेडमिक ग्रेड (एचएजी) का लाभ, प्रोत्साहन भत्ते के एरियर का भी नहीं मिल पा रहा है।

ये भी पढ़ें - स्वामी शिवानंद ने सानंद की मौत को बताया हत्या, केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार करने की मांग


यहां बता दें कि प्राध्यापकों के कार्यबहिष्कार पर एबीवीपी विभाग संयोजक मोहित रौतेला ने कहा कि शिक्षकों की मांग जायज है लेकिन परिसर में शिक्षण कार्य बाधित होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। गुरुवार को कई छात्रों को वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

Todays Beets: