Monday, July 16, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

प्रवासी पक्षियों का आसन वेटलैंड से हो रहा मोहभंग, मानवीय दखल के चलते घट रही तादाद 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
प्रवासी पक्षियों का आसन वेटलैंड से हो रहा मोहभंग, मानवीय दखल के चलते घट रही तादाद 

देहरादून। उत्तराखंड के मशहूर वेटलैंड, आसन में प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों में लगातार कमी आती जा रही है। वैज्ञानिकों की शोध में इस बात का पता चला है कि झील के किनारे पर बढ़ते मानवीय दखल की वजह से ऐसा हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आसन बैराज के दोनों ओर सड़कों का निर्माण और लगातार गाड़ियों की आवाजाही की वजह से पक्षियों को प्राकृतिक माहौल नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते प्रवासी पक्षियों कर तादाद में लगातार कमी आती जा रही है। 

गौरतलब है कि पहले आसन बैराज में करीब 300 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां आती थी लेकिन बढ़ते मानवीय दखल के बाद इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है और यह अब 100 के करीब सिमट कर रह गई है। पक्षियों के ऊपर शोधा करने वाली संस्था के अनुसार जंगलों की कटाई और बढ़ते निर्माण के चलते प्रवासी पक्षियों की तादाद में भारी कमी आई है। 

ये भी पढ़ें - पीएम की महत्वाकांक्षी योजना में ‘बाबुओं’ की सुस्ती पर बरसे मंत्री, अपर सचिव को पत्र लिखकर जता...


यहां बता दें कि भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग (जेडएसआई) ने बताया कि राज्य में आने वाले पर्यटकों के बैराज के काफी करीब आ जाने और से पक्षियों को प्राकृतिक माहौल नहीं मिल पा रहा है। जेडएसआई पक्षी विशेषज्ञ डा. अनिल कुमार ने बाताया कि पक्षियों को जितना ज्यादा प्राकृतिक माहौल मिलेगा उतना ही उनकी तादाद में बढ़ोतरी होगी। आसन बैराज में पक्षियों की संख्या बढ़ाने के लिए सबसे पहले वहां पर मानव हस्तक्षेप कम से कम करना होगा। उन्होंने बताया कि बैराज क्षेत्र में पर्यटकों की सीधी एंट्री पर रोक लगानी चाहिए। बैराज से कुछ दूरी पर टॉवर लगाये जाने चाहिए, ताकि पर्यटक दूर से ही पक्षियों को देख सकें। मुख्य क्षेत्र से दूर टेलिस्कोप लगाये जाने चाहिए। बैराज के आस पास निर्माण कार्य पर रोक लागाने से भी पक्षीयों की संख्या बढ़ेगी। 

Todays Beets: