Sunday, January 20, 2019

Breaking News

   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||

प्रवासी पक्षियों का आसन वेटलैंड से हो रहा मोहभंग, मानवीय दखल के चलते घट रही तादाद 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
प्रवासी पक्षियों का आसन वेटलैंड से हो रहा मोहभंग, मानवीय दखल के चलते घट रही तादाद 

देहरादून। उत्तराखंड के मशहूर वेटलैंड, आसन में प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों में लगातार कमी आती जा रही है। वैज्ञानिकों की शोध में इस बात का पता चला है कि झील के किनारे पर बढ़ते मानवीय दखल की वजह से ऐसा हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आसन बैराज के दोनों ओर सड़कों का निर्माण और लगातार गाड़ियों की आवाजाही की वजह से पक्षियों को प्राकृतिक माहौल नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते प्रवासी पक्षियों कर तादाद में लगातार कमी आती जा रही है। 

गौरतलब है कि पहले आसन बैराज में करीब 300 से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां आती थी लेकिन बढ़ते मानवीय दखल के बाद इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है और यह अब 100 के करीब सिमट कर रह गई है। पक्षियों के ऊपर शोधा करने वाली संस्था के अनुसार जंगलों की कटाई और बढ़ते निर्माण के चलते प्रवासी पक्षियों की तादाद में भारी कमी आई है। 

ये भी पढ़ें - पीएम की महत्वाकांक्षी योजना में ‘बाबुओं’ की सुस्ती पर बरसे मंत्री, अपर सचिव को पत्र लिखकर जता...


यहां बता दें कि भारतीय प्राणी सर्वेक्षण विभाग (जेडएसआई) ने बताया कि राज्य में आने वाले पर्यटकों के बैराज के काफी करीब आ जाने और से पक्षियों को प्राकृतिक माहौल नहीं मिल पा रहा है। जेडएसआई पक्षी विशेषज्ञ डा. अनिल कुमार ने बाताया कि पक्षियों को जितना ज्यादा प्राकृतिक माहौल मिलेगा उतना ही उनकी तादाद में बढ़ोतरी होगी। आसन बैराज में पक्षियों की संख्या बढ़ाने के लिए सबसे पहले वहां पर मानव हस्तक्षेप कम से कम करना होगा। उन्होंने बताया कि बैराज क्षेत्र में पर्यटकों की सीधी एंट्री पर रोक लगानी चाहिए। बैराज से कुछ दूरी पर टॉवर लगाये जाने चाहिए, ताकि पर्यटक दूर से ही पक्षियों को देख सकें। मुख्य क्षेत्र से दूर टेलिस्कोप लगाये जाने चाहिए। बैराज के आस पास निर्माण कार्य पर रोक लागाने से भी पक्षीयों की संख्या बढ़ेगी। 

Todays Beets: