Wednesday, April 24, 2019

Breaking News

   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||

उत्तराखंड में फिर शिक्षक भर्ती की होगी जांच , 17 अशासकीय महाविद्यालयों के खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड

अंग्वाल संवाददाता
उत्तराखंड में फिर शिक्षक भर्ती की होगी जांच , 17 अशासकीय महाविद्यालयों के खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड

देहरादून। उत्तराखंड में अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में शासन ने प्रदेश के 17 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में आरक्षण रोस्टर प्रणाली को खारिज कर शिक्षकों (लेक्चरर) की भर्ती की जांच के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं इस जांच के लिए अधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं। इस अफसरों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। अपर मुख्य सचिव डॉ.रणबीर सिंह की ओर जारी आदेश के बाद सरकारी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और कुछ एसोसिएट प्रोफेसरों को जांच अधिकारी बनाया गया है।

प्राचार्य परिषद ने उठाए सवाल

भर्ती को लेकर उठे सवालों के बाद शासन के जांच के आदेश पर प्राचार्य परिषद ने सवाल उठाए हैं। परिषद ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में बैठक की, जिसमें परिषद के अध्यक्ष बीए बौड़ाई ने सवाल उठाया कि किसी प्राचार्य की जांच कोई एसोसिएट प्रोफेसर स्तर का शिक्षक कैसे कर सकता है? यह भी आरोप लगाया कि सभी अशासकीय महाविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया को लटकाने के लिए सरकार यह जांच करा रही है, जबकि सभी भर्तियां रोस्टर प्रणाली के मुताबिक की गईं हैं।

ये होंगे जांच के बिंदु

असल में अपर मुख्य सचिव डॉ.रणबीर सिंह की ओर जारी आदेश के बाद सभी महाविद्यालयों में 31 अगस्त 2001, 21 जनवरी 2006 और 26 मई 2008 के शासनादेश के तहत रोस्टर प्रणाली की जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि इन महाविद्यालयों में जो रोस्टर प्रणाली बनाई गई, क्या उसके तहत भर्ती हुईं? जहां स्टर प्रणाली के विरुद्ध भर्ती हुईं वहां जांच होगी। सरकार को यही रिपोर्ट सप्ताहभर में शासन को देनी है।


इन कॉलेजों की होगी जांच

जिन कॉलेजों की जांच होगी उसमें 1- देहरादून के डोईवाला का डीबीएस पीजी कॉलेज , 2- एमकेपी पीजी कॉलेज, देहरादून , 3- एमपीजी कॉलेज, मसूरी , 4- चिन्मय डिग्री कॉलेज, हरिद्वार , 5-चंद्रवती तिवारी कन्या महाविद्यालय, काशीपुर ऊधमसिंह नगर   6- श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या महाविद्यालय, रुड़की , 7- डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून  , 8- एसजीआरआर पीजी कॉलेज देहरादून , 9- बीएसएम पीजी कॉलेज, रुड़की  , 10- बालगंगा महाविद्यालय, सेंदुल टिहरी गढ़वाल , 11- राठ महाविद्यालय, पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल , 12- केएलडीएवी कॉलेज, रुड़की , 13- डीडब्ल्यूटी कॉलेज, देहरादून , 14-चमनलाल महाविद्यालय, रुड़की  ,  15-आरएमपीपी कॉलेज, गुरुकुल नारसन, हरिद्वार , 16-महिला महाविद्यालय, सतीकुंड, कनखल, हरिद्वार    17-एसएमजेएन कॉलेज नारसन, हरिद्वार 

 

 

Todays Beets: