Saturday, January 20, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

राज्य में हुआ पलायन आयोग का गठन, गांवों के खाली होने के कारणों का लगाया जाएगा पता 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राज्य में हुआ पलायन आयोग का गठन, गांवों के खाली होने के कारणों का लगाया जाएगा पता 

देहरादून। उत्तराखंड से लगातार हो रहे पलायन के कारणों का पता लगाने के लिए पलायन आयोग का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसके गठन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्य से होने वाले पलायन को लेकर शिक्षण संस्थानों ने शोध तो काफी किए लेकिन हकीकत में कुछ नहीं हो पाया। ऐसे में अब सरकार की तरफ से पहल शुरू की गई है। पलायन आयोग का गठन होने से इस बात की उम्मीद जगी है कि पलायन पर रोक लगेगी।  आयोग के कार्य, सदस्य, विभागों से समन्वय समेत अन्य मसलों को लेकर विचार किया जा रहा है और जल्द ही विस्तृत आदेश जारी कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री करेंगे अध्यक्षता

गौरतलब है कि राज्य के गठन से लेकर अब तक बड़े पैमाने पर पलायन हुआ है। नया राज्य बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पलायन पर रोक लगेगी। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इन 17 सालों में करीब ढाई लाख घरों में ताले लग गए। बता दें कि पलायन आयोग किस तरह से काम करेगा इसपर विचार किया जाएगा। आपको बता दें कि गांवों से पलायन होने से गांव तो खाली हो ही रहे हैं शहरों पर भी जनसंख्या का दवाब बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पलायन आयोग का गठन किया है। आयोग के गठन के लिए पहले नियोजन विभाग तैयारी कर रहा था लेकिन फिर ग्राम्य विकास विभाग को नोडल विभाग बना दिया गया। अब आयोग का विधिवत गठन किया जा चुका है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पलायन आयोग के गठन का आदेश जारी कर दिया किया गया है। 

ये भी पढ़ें - केदारनाथ के पुनर्निर्माण के लिए पैसा जुटाएंगे सदी के महानायक, मुंबई में करेंगे शो


दून विश्वविद्यालय और विभाग कर रहा शोध

आपको बता दें कि पलायन को रोकने के लिए कई संस्थानों ने शोध किए लेकिन सरकार के स्तर पर कोई पहल नहीं की गई थी। अब राज्य का नियोजन विभाग और दून विश्वविद्यालय पलायन की समस्या, कारण और समाधान विषय पर शोध में जुटे हैं। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के मुताबिक इनके शोध के नतीजों पर भी आयोग गौर करेगा। यहां बता दें कि हिमालयन सम्मेलन में भी पलायन का मुद्दा उठाया गया था।

Todays Beets: