Saturday, June 23, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

प्रदेश में मंत्रियों-अधिकारियों के बीच आॅल इज वेल नहीं, बिना जानकारी दिए ही 74 फोरमैन की कर दी पोस्टिंग

अंग्वाल न्यूज डेस्क
प्रदेश में मंत्रियों-अधिकारियों के बीच आॅल इज वेल नहीं, बिना जानकारी दिए ही 74 फोरमैन की कर दी पोस्टिंग

देहरादून। उत्तराखंड में ऐसा लगता है कि मंत्रियों और अधिकारियों के बीच आॅल इज वेल नहीं चल रहा है। इसका उदाहरण कई विभागों में देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला प्रशिक्षण विभाग का है जहां 74 फोरमैन का मनमाना तबादला कर दिया गया और इसके लिए मंत्री से अनुमोदन लेने की बात तो दूर उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई। मामला संज्ञान में आने पर मंत्री डाॅक्टर हरक सिंह रावत ने निदेशक-प्रशिक्षण के पोस्टिंग आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही सभी फाइलों को तलब कर लिया है और सभी पोस्टिंग को नए सिरे से करने का प्रस्ताव मांगा है। 

ये भी पढ़ें - हजारों अतिथि शिक्षकों को मिल सकती है राहत, सरकार कोर्ट से एक साल के सेवा विस्तार का करेगी अनुरोध

गौरतलब है कि राज्य के प्रशिक्षण विभाग में करीब 74 फोरमैन का तबादला उनकी मनचाही जगहों पर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इसमें पैसों के लेन-देन की भी शिकायत मिली है। इसके बाद मंत्री डाॅक्टर हरक सिंह ने इस आदेश को निरस्त कर दिया। अब इन फोरमैन की पोस्टिंग नए सिरे से की जाएगी।  बता दें कि प्रशिक्षण विभाग-हल्द्वानी ने 4 जनवरी को 74 अनुदेशकों को फोरमैन के पद पर पदोन्नति की थी। 6 मार्च को निदेशक पंकज कुमार पांडे की ओर से इनकी तैनाती के आदेश किए गए। इनमें से ज्यादातर लोगों की पोस्टिंग वहीं कर दी गई जहां वे पहले से तैनात थे।यहां बता दें कि मंत्री डाॅक्टर हरक सिंह रावत को इसकी सूचना मिलने के बाद उन्होंने फौरन इसे निरस्त करने के आदेश जारी किए। 


 

 

Todays Beets: