Saturday, October 20, 2018

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नए साल में प्राईवेट व्यावसायिक वाहनों में सफर करना हो सकता है महंगा, 18 दिसंबर को होगा फैसला 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
नए साल में प्राईवेट व्यावसायिक वाहनों में सफर करना हो सकता है महंगा, 18 दिसंबर को होगा फैसला 

देहरादून। नए साल के मौके पर अगर आप उत्तराखंड जाने की योजना बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। रोडवेज की तर्ज पर अब प्राईवेट गाड़ियों, टैक्सी, सिटी बस और आॅटो या विक्रम के किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। 18 दिसंबर को राज्य परिवहन प्राधिकरण साथ होने वाली बैठक में इस बात पर चर्चा हो सकती है।

निजी कंपनियों ने की किराया बढ़ाने की मांग

गौरतलब है कि रोडवेज परिवहन निगम ने अक्टूबर के महीने में किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी थी। इसके बाद कुमाऊं और गढ़वाल में सेवाएं देने वाली निजी परिवहन कंपनियां, टैक्सी यूनियन, सिटी बस, ऑटो-विक्रम यूनियन भी दस फीसदी किराया बढ़ाने की मांग रहे हैं। इसके बाद एसटीए ने आरटीओ पौड़ी की अध्यक्षता में एक 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है और एसटीए ने 18 दिसंबर को बैठक बुलाई है। यहां बता दें कि प्राईवेट व्यावसायिक वाहनों का किराया 2013 से नहीं बढ़ाया गया है। 

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अभी ऐसे ले रहे किराया  


जीएमओ, टीजीएमओ, यातायात, रूपकुंड सहित अन्य परिवहन कंपनियों का किराया अभी तक एक रुपये पांच पैसा प्रति किलोमीटर निर्धारित है जबकि टैक्सी और मैक्सी का किराया 18 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित है। वहीं दूसरी तरफ बस का किराया प्रति सवारी तय है जबकि टैक्सी और मैक्सी का किराया उसमें बैठने वाले सभी सवारियों के आधार पर तय है। इसी तरह सिटी का बस किराया एक से चार किमी तक 5 रुपये, चार से आठ किमी तक 7 रुपये निर्धारित है। अधिकतम 25 किलोमीटर का किराया 20 रुपये तय है।

पहले ही वसूल रहे हैं ज्यादा किराया

आरटीओ को विक्रम चालकों की ओर से ज्यादा किराया वसूलने की शिकायतें मिलती रही हैं। इसी तरह शहर के अन्य रूटों पर भी सवारियों से वसूली की जा रही है। एआरटीओ देहरादून अरविंद पांडेय ने बताया कि ऑटो-विक्रम का किराया 8 रुपये प्रति किलोमीटर तय है अगर कहीं इससे ज्यादा किराया वसूला जा रहा है तो कार्रवाई होगी। 

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