Tuesday, October 23, 2018

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प्राईवेट क्षेत्र भी शिक्षा की बेहतरी के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास में दें सहयोग- मुख्य सचिव

अंग्वाल न्यूज डेस्क
प्राईवेट क्षेत्र भी शिक्षा की बेहतरी के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास में दें सहयोग- मुख्य सचिव

देहरादून। राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार प्राईवेट क्षेत्रों से भी मदद लेने पर तैयार हो गई है। मंगलवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के लिए ओ.एन.जी.सी. और टी.एच.डी.सी.से मदद लेने पर ध्यान देने की बात कही गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि अगर ये निजी संस्थाएं कोई योगदान देना चाहती है तो प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मुहैया कराने पर जोर दिया जाए।

फंडिंग बढ़ाने पर जोर

गौरतलब है कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि ओएनजीसी तथा टीएचडीसी जैसी संस्थाएं प्रदेश में मूलभूत आवश्यकताओं में अधिक से अधिक सहयोग कर सकते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में शौचालयों के निर्माण, पेयजल संयोजन के साथ ही फर्नीचर आदि आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने में प्राथमिकता से सहयोग देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इन संस्थाओं द्वारा जो धनराशि प्रदेश में विद्यालयों के विकास के लिए दी जा रही है वह इन संस्थाओं के स्तर के हिसाब से कम है। उन्होंने ओएनजीसी एवं टीएचडीसी के अधिकारियों से फंडिंग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। 

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संस्थाओं को जानकारी दे स्कूल


बता दें कि मुख्य सचिव ने प्राईवेट क्षेत्रों को स्कूलों में आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा विद्यालयों के लिए जो सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं, समय-समय पर उनकी समीक्षा ब्लाॅक तथा जिला स्तर के साथ ही मण्डल एवं राज्य स्तर पर भी होना चाहिए। मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को इस बात के निर्देश दिए हैं कि निजी संस्थाओं द्वारा स्कूलों के बारे में जो भी सूचनाएं मांगी गई हैं, उसे प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए।  

पानी की समुचित व्यवस्था

यहां बता दें कि मुख्य सचिव ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्कूलों में बनने वाले शौचालयों और पेयजल के संयोजन के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो भी शौचालय बनाये जाये वहां पर पानी की उचित व्यवस्था रखी जाए तथा पेयजल लाईनों के अनुरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। उन्होंने नए भवनों के निर्माण तथा वर्तमान में उपलब्ध भवनों में भी रेनवाॅटर हार्वेस्टिंग के तहत बारिश के पानी को एकत्रित करने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 10 दिनों के बाद इन कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। 

प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

उत्पल कुमार सिंह ने शिक्षा सचिव डाॅ. भूपिंदर कौर औलख को विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव बनाकर ओएनजीसी एवं टीएचडीसी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों संस्थाएं शिक्षा की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में ज्यादा से ज्यादा योगदान दे सकते हैं। 

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