Wednesday, November 21, 2018

Breaking News

   चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा, कोर्ट में किया था सरेंडर     ||   MP में चुनाव प्रचार के दौरान शख्स ने BJP कैंडिडेट को पहनाई जूतों की माला     ||   बेंगलुरु: गन्ना किसानों के साथ सीएम कुमारस्वामी की बैठक     ||   US में ट्रंप को कोर्ट से झटका, अवैध प्रवासियों को शरण देने से नहीं कर सकते इनकार    ||   एसबीआई ने क्लासिक कार्ड से पैसे निकालने के बदले नियम    ||   बाजार में मंगलवार को आई बहार, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त     ||   हिंदूराव अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में निकला सांप , हंगामा     ||   सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के आरोपों के बाद हो सकता है उनका लाइ डिटेक्टर टेस्ट    ||   देहरादून की मॉडल ने किया मुंबई में हंगामा , वाचमैन के साथ की हाथापाई , पुलिस आई तो उतार दिए कपड़े     ||   दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, दो जवान शहीद , दुरदर्शन के कैमरामैन की भी मौत     ||

 देहरादून में यूपी के कब्जे वाली संपत्तियों की होगी नीलामी, दोनों राज्यों में रकम का होगा बंटवारा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
 देहरादून में यूपी के कब्जे वाली संपत्तियों की होगी नीलामी, दोनों राज्यों में रकम का होगा बंटवारा

देहरादून। उत्तराखंड में पड़ने वाली उत्तरप्रदेश की संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। इससे मिलने वाली रकम को दोनों राज्यों के बीच बांटा जाएगा। पिछले महीने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच हुई बैठक में संपत्तियों को बेचने का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों राज्यों के बीच जो संपत्तियां हैं उसकी कीमत करीब 10 अरब रुपये बताई जा रही है। अब उत्तरप्रदेश आवास परिषद बेचने के लिए उत्तराखंड आवास विकास परिषद से मंजूरी लेगा। इन संपत्तियों को बेचने से मिलने वाली रकम को उत्तरप्रदेश आवास विकास परिषद के नाम पर एफडी कराया जाएगा। 

गौरतलब है कि यह एफडी उत्तराखंड आवास विकास परिषद के पास बंधक रहेगी। इसके बाद दोनों राज्यों के बीच संपत्तियों के बंटवारे के बाद बांटा जाएगा। बता दें कि उत्तरप्रदेश विकास परिषद की काफी संपत्तियां उत्तराख्ंाड के पास पड़ी हुई है। दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार बनने के बाद इस बात की संभावना काफी बढ़ी थी कि संपत्तियों का बंटवारा जल्द ही हो जाएगा। 

ये भी पढ़ें - केदारनाथ में हवाई टिकटों की हो रही कालाबाजारी, पुलिस ने एक को किया गिरफ्तार


यहां बता दें कि पिछले महीने उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिवों की हुई संयुक्त बैठक में इस बात का फैसला लिया गया। इससे पहले दोनांे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी मुलाकात कर संपत्तियों के विवाद को सुलझाने की बात कही थी। गौर करने वाली बात है कि उत्तराखंड बनने के बाद  आवास विकास परिषद का अधिकार वहां खत्म हो गया लेकिन जमीनें यूपी आवास विकास के नाम ही थीं, लिहाजा कानूनन इन्हें यूपी आवास विकास परिषद ही बेच सकती है। यूपी आवास विकास ने

इन संपत्तियों को बेचने का प्रयास किया तो उत्तराखंड की सरकार ने इस पर रोक लगा दी थी। बाद में वहां सरकार ने उत्तराखंड आवास विकास परिषद गठित कर दी। इसके बाद उत्तराखंड आवास विकास परिषद ने इन संपत्तियों पर अधिकार जताना शुरू कर दिया। इससे यूपी व उत्तराखंड में विवाद बढ़ गया। तब से आज तक लगातार विवाद चल रहा है। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। 

Todays Beets: