Monday, May 21, 2018

Breaking News

   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||   मायावती का पलटवार, कहा- सत्ता के अहंकार में जनता को मूर्ख समझ रही BJP; शाह के गुरू मोदी ने गिराया पार्टी का स्तर     ||   चीन के स्‍पर्म बैंक ने रखी अनोखी शर्त, सिर्फ कम्‍युनिस्‍टों का समर्थन करने वाले ही दान कर सकेंगे स्‍पर्म     ||   CBSE पेपर लीक: हिमाचल से टीचर समेत 3 गिरफ्तार, पूछताछ में हो सकता है अहम खुलासा     ||   बिहार: शराब और मुर्गे के साथ गश्त करने वाली पुलिस टीम निलंबित     ||

विधवाओं की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, उत्तराखंड समेत 12 राज्यों पर लगाया जुर्माना

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विधवाओं की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, उत्तराखंड समेत 12 राज्यों पर लगाया जुर्माना

नई दिल्ली/देहरादून। देश में विधवाओं के पुनर्वास और उनके आश्रयों को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड समेत 12 राज्यों पर जुर्माना लगाया है। इन सभी राज्यों को दो-दो लाख रुपये का जुर्माना देगा होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मिजोरम, असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। न्यायालय ने उन राज्यों पर भी एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिन्होंने आदेश का पालन तो किया लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी है।

स्थिति में सुधार के लिए कमेटी

गौरतलब है कि देश में विधवा महिला की हालत में कैसे सुधार लाया जाए इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यीय टीम बनाई थी जिसमें वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। समिति में गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) जागोरी की सुनीता धर, गिल्ड फॉर सर्विस की मीरा खन्ना, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता आभा सिंघल जोशी, हेल्प एज इंडिया और सुलभ इंटरनेशनल का एक-एक प्रतिनिधि शामिल हैं।


ये भी पढ़ें - दूरस्थ इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर, सरकार ने ‘एचपी’ के साथ किया करार

केन्द्र को निर्देश

बता दें कि 18 जुलाई को न्यायालय ने केन्द्र सरकार को उन महिलाओं की शादी के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए थे जो कम उम्र में विधवा हो गई हैं। न्यायालय ने विधवा कल्याण के रोडमैप पर ऐतराज जताते हुए कहा कि विधवा महिलाओं से बेहतर खाना जेल के कैदियों को मिलता है। 

Todays Beets: