Sunday, July 22, 2018

Breaking News

   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||   नीतीश का गठबंधन को जवाब कहा गठबंधन सिर्फ बिहार में है बाहर नहीं     ||   जापान में बारिश का कहर जारी 100 से ज्यादा लोगों की मौत     ||   PM मोदी के नोएडा दौरे से पहले लगा भारी जाम, पढ़ें पूरी ट्रैफिक एडवाइजरी     ||    नीतीश ने दिए संकेत: केवल बिहार में है भाजपा और जदयू का गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर हम साथ नहीं    ||   निर्भया मामले में तीनों दोषियों को होगी फांसी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई    ||   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||

उत्तराखंड के गढ़वाल में बड़े भूकंप की चेतावनी, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

अंग्वाल न्यूज डेस्क
उत्तराखंड के गढ़वाल में बड़े भूकंप की चेतावनी, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

देहरादून। वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में एक बड़े भूकंप की आशंका जताई है। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8 बताई गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में सात सौ सालों से बड़ा भूकंप नहीं आया है, जिस कारण बड़े भूकंप की आशंका व्यक्त की गई है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि समूचा उत्तर भारत इस भूकंप की चपेट में आएगा और सबसे अधिक नुकसान तराई के क्षेत्रों में होगा। बता दें कि भूकंप वैज्ञानिकों की कार्यशाला में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई है। 

जमीन के अंदर ऊर्जा संचित

गौरतलब है कि वैज्ञानिकों का मानना है कि गढ़वाल हिमालय में 8 रिक्टर स्केल से ज्यादा बड़े भूकंप के लायक ऊर्जा जमा हो गई है। हालांकि यहां हल्के भूकंप आ रहे हैं लेकिन पूरी ऊर्जा नहीं निकल रही है। ऐसे में यहां बड़े भूकंप का खतरा निरंतर बना हुआ है। बता दें कि वाडिया भू विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक जेजी पेरूमल ने अपने अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 1344 से अभी तक बड़ा भूकंप नहीं आया। 

ये भी पढ़ें - विकास और पर्यावरण दोनों की दोस्ती जरूरी, लेकिन पर्यावरण संरक्षण एक चुनौती -त्रिवेंद्र सिंह रावत


ज्यादा नुकसान की आशंका

आपको बता दें कि 1344 में आए भूकंप का केंद्र रामनगर के पास था जिसका असर पंजाब तक होने के प्रमाण मिले हैं। वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में बताया कि 1905 में कांगड़ा में जो भूकंप आया था यदि वह आज आए तो 10 लाख लोगों की मौत होगी। यदि इसी स्केल का भूकंप उत्तराखंड में आए तो मौत का आंकड़ा इससे भी ज्यादा होगा क्योंकि उत्तराखंड में जनसंख्या घनत्व हिमाचल से ज्यादा है।  

Todays Beets: