Friday, December 14, 2018

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कम उपस्थिति की वजह से दून की इस कलाकार को स्कूल से किया गया बाहर, अब पढ़ेगी लड़कों के स्कूल में

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कम उपस्थिति की वजह से दून की इस कलाकार को स्कूल से किया गया बाहर, अब पढ़ेगी लड़कों के स्कूल में

देहरादून। टेलीविजन रियल्टी शो ‘वाॅयस इंडिया किड्स’ में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली दून की शिकायना मुखिया को कम उपस्थिति के कारण स्कूल से निकाल दिया गया है। स्कूल ने शिकायना को अगली कक्षा में एडमिशन देने से मना कर दिया है। बता दें कि शो में हिस्सा लेने की वजह से उसकी 6ठी कक्षा में उपस्थिति काफी कम रही थी। अब शिकायना आगे की पढ़ाई लड़कों के स्कूल कर्नल ब्राउन से करेंगी। ऐसा करने वाली वह एक मात्र लड़की होगी। 

गौरतलब है कि शिकायना मुखिया देहरादून के सेंट थॉमस कॉलेज में 6ठी कक्षा की छात्रा थीं। खास बात यह रही कि वॉयस इंडिया किड्स शो में शिकायना ने अंतिम 6 में जगह बनाई थी। इस शो में हिस्सा लेने की वजह से स्कूल में उसकी उपस्थिति कम रही थी। यहां बता दें कि स्कूल ने नियमों का हवाला देते हुए इस नवोदित कलाकार को 7वीं में प्रवेश देने से इंकार कर दिया है। 

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स्कूल द्वारा अगली कक्षा में प्रवेश देने से मना करने की वजह से उसे 6ठी कक्षा में ही दोबारा पढ़ना पड़ता। ऐसे मौके पर कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल ने सकारात्मक पहल करते हुए उसे अपने स्कूल में दाखिला देकर उसका एक साल बर्बाद होने से बचाया। बता दें कि कर्नल ब्राउन स्कूल पूरी तरह से लड़कों का स्कूल है। स्कूल के नियमों के अनुसार यहां सिर्फ लड़के ही एडमिशन ले सकते हैं। शिकायना के पिता विकास मुखिया ने कहा कि बेटी को एक लड़के के स्कूल में एडमिशन देने की हिम्मत उन्हें दंगल फिल्म से मिली। कर्नल ब्राउन स्कूल की प्रोक्टर इंदू बाला सिंह ने कहा कि शिकायना की अन्य प्रतिभाओं को देखते हुए एडमिशन दिया गया है।

 

यहां गौर करने वाली बात है कि कर्नल ब्राउन स्कूल ने शिकायना की वजह से स्कूल के नियम में बदलाव भी किया है। बता दें कि यहां सभी लड़कों के लिए हाॅस्टल में रहना अनिवार्य है लेकिन शिकायना को उसके परिवार के साथ रहने की इजाजत दी गई है। शिकायना के माता-पिता भी ब्राउन स्कूल में ही कार्यरत हैं। ऐसे में शिकायना को स्कूल के स्टाफ शौचालय का उपयोग करने की छूट मिली है। शिकायना ने कर्नल ब्राउन स्कूल को उसे दाखिला देने के लिए धन्यवाद दिया है। मामला सामने आने पर शिक्षा अधिकारी ने कहा कि ऐसा कोई भी नियम नहीं है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र को स्कूल से बाहर कर दिया जाए। इस बारे में जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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