Friday, September 21, 2018

Breaking News

   ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम के ठिकानों पर आयकर के छापे     ||   बिहार: पूर्व मंत्री मदन मोहन झा बनाए गए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष। सांसद अखिलेश सिंह बनाए गए अभियान समिति के अध्यक्ष। कौकब कादिरी समेत चार बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष।     ||   कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया    ||   सीतापुर में श्रद्धालुओें से भरी बस खाई में पलटी 26 घायल, 5 की हालत गंभीर     ||   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||

नियम विरूद्ध तरीके नौकरी पाने ‘पीयूष अग्रवाल’ ने दिया इस्तीफा, 3 इंजीनियरों की नियुक्ति भी निरस्त

अंग्वाल न्यूज डेस्क
नियम विरूद्ध तरीके नौकरी पाने ‘पीयूष अग्रवाल’ ने दिया इस्तीफा, 3 इंजीनियरों की नियुक्ति भी निरस्त

देहरादून। उपनल के जरिए नियम विरूद्ध तरीके से नौकरी पाने वाले उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष के बेटे पीयूष अग्रवाल की खबर पर मचे बवाल के बाद उन्होंने जल संस्थान के एई के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही 3 अन्य इंजीनियरों की नियुक्ति को भी निरस्त कर दिया गया है। यहां बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बेटे की भर्ती पर कहा कि उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके बेटे को योग्यता के आधार पर नौकरी दी गई थी। गौर करने वाली बात है कि मामला तूल पकड़ने पर उपनल के एमडी ने जांच की बात कही थी।

ये भी पढ़ें - भारत बंद के मद्देनजर देहरादून में धारा 144 लागू, चंपावत में भी पुलिस तैनात

गौरतलब है कि उपनल के एमडी ने कहा है कि साल 2016 के बाद हुई सभी नियुक्तियों की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी गलत पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यहां बता दें कि उपनल के एमडी पाहवा ने बताया कि सैन्य परिवारों से योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने पर बाहर से अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जा सकता है लेकिन प्रमुख सचिव ने वर्ष 2016 के जीओ को प्रभावी मानते हुए उनका तर्क खारिज कर दिया। इस जीओ के जरिए सरकार ने उपनल से गैरसैनिक लोगों की नियुक्ति प्रतिबंधित कर दी थी।


यहां गौर करने वाली बात है कि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे को उपनल के जरिए की जाने वाली नियुक्तियों के तहत जल संस्थान में एई की नौकरी दी गई थी जबकि उपनल के नियमों के अनुसार इस माध्यम से गैर सैनिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को नौकरी नहीं दी जा सकती है। हल्द्वानी के रहने वाले एक शख्स के द्वारा मामला उठाने पर यह मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि पीयूष और 3 अन्य इंजीनियरों को नियुक्ति दी गई थी और इसकी कोई सूचना भी नहीं दी गई। मामला के काफी तूल पकड़ने के बाद अब पीयूष अग्रवाल ने जल संस्थान में एई पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही तीनों इंजीनियरों की नियुक्ति को भी निरस्त कर दिया गया है। 

 

Todays Beets: