Tuesday, February 19, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

देहरादून में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर व्यापारियों को मिली ‘सुप्रीम’ राहत, एक बार फिर से होगी सुनवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
देहरादून में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर व्यापारियों को मिली ‘सुप्रीम’ राहत, एक बार फिर से होगी सुनवाई

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अतिक्रमण हटाओ कार्यक्रम के तहत किए जा रहे तोड़-फोड़ अतिक्रकमण करने वालों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश को संशोधित करने के बाद पुराने आदेश पर नोटिस भेजकर फिर से सुनवाई करने की बात कही है। यहां बता दें कि देहरादून में किए जा रहे अतिक्रमण को देखते हुए हाईकोर्ट ने 18 जून 2018 को आदेश जारी कर 4 हफ्तों के अंदर हटाने का आदेश दिया था, ऐसा नहीं होने पर इसके लिए सीधे तौर पर मुख्य सचिव को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। 

गौरतलब है कि 18 जून 2018 को एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे। उच्च न्यायालय ने कहा था कि अगर देहरादून की सड़कों 4 सप्ताह के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मुख्य सचिव इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। राजधानी को 4 जोन में बांटकर 28 जून से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हो गया था। अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम, एमडीडीए सहित सभी विभागों की टीम बनाई गई थी। 

ये भी पढ़ें - राज्य के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक से कांग्रेसी विधायक गायब, विधायक ने लगाई सीएम पर सवालो...


इस बीच दून की रहने वाली सुनीता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अतिक्रमण पर रोक लगाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम ए खानविल्कर की पीठ से इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को संशोधित करते हुए अतिक्रमण पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारियों की प्राकृतिक स्थिति को बनाए  रखने के लिए उन्हें भी सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद देहरादून नगर निगम के चेयरमैन ने फिर से एक कमेटी गठन की बात कही है। कमेटी सभी जोन से रिपोर्ट मांगेगी। इसके बाद ही वहां अतिक्रमण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।  

Todays Beets: