Saturday, May 25, 2019

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गंगा को प्रदूषण से मुक्त कराने के प्रयास को लगा बड़ा धक्का, आमरण अनशन पर बैठे स्वामी का अस्पताल में निधन 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
गंगा को प्रदूषण से मुक्त कराने के प्रयास को लगा बड़ा धक्का, आमरण अनशन पर बैठे स्वामी का अस्पताल में निधन 

देहरादून। गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने के लिए जून महीने से ही आमरण अनशन पर बैठे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का गुरुवार की दोपहर को ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। बता दें कि मंगलवार से उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया था। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमेश पोखरियाल निशंक से बात असफल होने के बाद पुलिस ने स्वामी ज्ञान स्वरूप को जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया था। उनके निधन की खबर एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने दी है।

गौरतलब है कि स्वामी ज्ञान स्वरूप ने अपने मांग के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री से गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास करवाने की अपील की थी। खबरों के अनुसार स्वामी इस साल के जून महीने से ही आमरण अनशन पर थे। यहां बता दें कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का अनशन तुड़वाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमेश पोखरियाल निशंक भी पहुंचे थे वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार को उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया था।  

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यहां गौर करने वाली बात है कि इसके बाद पुलिस बल उन्हें उठाने के लिए आश्रम में पहुंच गई और वहां धारा 144 लागू करने के आदेश दिए लेकिन स्वामी शिवानंद ने इसका विरोध किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट के अनुरोध पर वे सानंद को ले जाने की बात मान गए लेकिन स्वामी सानंद ने जाने से इंकार कर दिया। इसपर सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल ने जबरन स्वामी सानंद को उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया था। गुरुवार की दोपहर अस्पताल में उनका देहांत हो गया।  

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